रतलाम

5 साल में 1400 टॉयलेट गायब, 3 हजार का उपयोग नहीं

जिले के ग्रामीण क्षेत्र में बनाए गए 1.64 लाख टॉयलेट में से 1400 गायब हो गए है। जबकि 3000 टॉयलेट अनुपयोगी पाए गए है। ये खुलासा हाल ही में टॉयलेट को लेकर हुए हितग्राही सर्वेक्षण से हुआ है।

3 min read
Oct 03, 2019
1400 toilets disappear in 5 years, 3 thousand no use
1400 toilets disappear in 5 years, 3 thousand no use

रतलाम। जिले के ग्रामीण क्षेत्र में बनाए गए 1.64 लाख टॉयलेट में से 1400 गायब हो गए है। जबकि 3000 टॉयलेट अनुपयोगी पाए गए है। ये खुलासा हाल ही में टॉयलेट को लेकर हुए हितग्राही सर्वेक्षण से हुआ है। इसकी जब रिपोर्ट जिला पंचायत में आई तो हड़कंप मच गया। रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख है कि सैलाना व बाजना क्षेत्र में टॉयलेट न खेत में मिले न घर में। अब फिर से एक दल बनाकर सर्वे कराने की योजना बनी है। ये सर्वे होने के बाद फिर टॉयलेट नहीं पाए गए तो जवाबदेह पर बड़ी कार्रवाई होगी।

गांधी जयंती पर जिलेभर में स्वच्छता का संकल्प भी लिया गया। ऐसे में स्वच्छता के मुख्य आधार शौचालयों के आंकड़ों की 'पत्रिका' ने पड़ताल की। सामने आया कि वर्ष 2014 से पूर्व जिले की 418 ग्राम पंचायत व जनपद में करीब 40 हजार टॉयलेट बनाए गए। इसके लिए प्रत्येक टॉयलेट के लिए 12 हजार रुपए की राशि दी गई। वर्ष 2014 के बाद व सितंबर 2019 तक जिले में 1.64 लाख परिवार के लिए टॉयलेट बनाए गए। इन टॉयलेट का ही अगस्त व सितंबर में सर्वे किया गया। इस सर्वे के बाद ही ये सामने आया कि 1400 टॉयलेट स्थलों पर पाए ही नहीं गए, जबकि कागज में इनका उल्लेख है। करीब तीन हजार टॉयलेट अनुपयोगी है, मतलब इनका उपयोग ही नहीं हो रहा है।

इन जनपद में सबसे कम उपयोग
अधिकारियों के अनुसार घालमेल सैलाना व बाजना जनपद में हुआ है। वर्ष 2013 से 2018 तक जो टॉयलेट बनाए गए, 1400 गायब है। सर्वे ने अपनी अलग-अलग रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया है कि मैदान में जब गए तो टॉयलेट खेत व घर में नहीं मिले। इसके अलावा तीन हजार टॉयलेट का बनने के बाद से उपयोग जिले में नहीं हुआ है, इनकी राशि निकाल गई है।

जिले की स्थिति
ग्राम पंचायत- 418
अनुपयोगी टॉयलेट- 3000
गायब टॉयलेट- 1400
बनाए गए 1.64 लाख टॉयलेट

1400 टॉयलेट मैदानी जांच में नहीं पाए

ये सही है कि सर्वे रिपोर्ट में सैलाना व बाजना क्षेत्र में मिलाकर करीब 1400 टॉयलेट मैदानी जांच में नहीं पाए गए। इसके अलावा जिले में तीन हजार टॉयलेट अनुपयोगी मिले है, लेकिन इसका एक अलग दल से फिर से सर्वे करवा रहे है। नए दल को सर्वे के लिए 20 अक्टूबर तक का समय दिया गया है।
- अवधसिंह अहिरवार, जिला समन्वयक, स्वच्छ भारत मिशन, जिला पंचायत

Published on:
03 Oct 2019 08:03 pm