रतलाम। जिले में आदिवासी गांव की 7 वर्ष की मासूम मोनिका की खसरे से मौत हो गई। जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएचओ डॉ एपी सिंह के अनुसार मासूम को उपचार के लिए निजी अस्पताल में 12 मार्च को भर्ती परिजन ने किया। इलाज के दौरान ही मासूम की मौत हो गई। मामले में एक एएनएम […]
रतलाम। जिले में आदिवासी गांव की 7 वर्ष की मासूम मोनिका की खसरे से मौत हो गई। जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएचओ डॉ एपी सिंह के अनुसार मासूम को उपचार के लिए निजी अस्पताल में 12 मार्च को भर्ती परिजन ने किया। इलाज के दौरान ही मासूम की मौत हो गई। मामले में एक एएनएम को निलंबित किया गया है।
जिले के आदिवासी क्षेत्र बाजना विकासखंड के रावटी के करीब भैतला गांव की निवासी थी। बाजना सेक्टर के इस गांव की निवासी मासूम को खसरे की बीमारी की सूचना निजी अस्पताल से मिलने के बाद मेडिकल विभाग का दल पहुंचा। मामले में एक एएनएम को निलंबित किया है। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ वर्षा कुरील को जांच के लिए सोमवार को गांव में भेजा गया वे अपनी रिपोर्ट मंगलवार को देंगी। इन सब के बीच मासूम की मौत की सूचना मिलने के बीच सीएमएएचओ डॉ संध्या बेलसरे अवकाश पर चली गई।
19 दिन पूर्व जिले में एक आंगनबाड़ी केंद्र पर टीकाकरण के बाद दो बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी। टीका लगने के करीब एक घंटे बाद दोनों बच्चों को उल्टी-दस्त की शिकायत का मामला सामने आया था। इलाज के दौरान 10 माह के एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि डेढ़ साल का दूसरा बच्चा अस्पताल में उपचार करा रहा था। बिलपांक थाना क्षेत्र के नयाखेड़ा गांव की आंगनबाड़ी केंद्र में 19 दिन पूर्व दोपहर बच्चों को टीके लगाए गए थे। गांव के धर्मेंद्र मालवीय के 10 माह के बेटे पियांशु और देवीलाल मालवीय के डेढ़ साल के बेटे नित्यांशु सहित कुल चार बच्चों को टीकाकरण किया गया था। रात में 10 माह के बच्चे की मौत हो गई थी। धर्मेंद्र मालवीय के 10 माह के बेटे को कुल तीन टीके लगाए गए थे। इनमें से दो टीके हाथ पर और एक टीका जांघ पर लगाया गया था। टीकाकरण दोपहर 12:30 से 1 बजे के बीच किया गया था।