रतलाम में ले सकेंगे कोरोना वायरस पीड़ित के सेंपल
रतलाम। चीन के माध्यम से दुनिया में फैल रहे कोरोना वायरस से भारत भी अछूता नहीं है। इसे लेकर पूरे देश में अलर्ट जारी है। रतलाम में मेडिकल कालेज ने इससे बचाव और संंदिग्ध मरीज का सेंपल लेने के लिए जिला अस्पताल की पैथालाजी लेबोरेटरी को सेंपल लेने की जांच कीट उपलब्ध करवा दी है। अब कोई भी संदिग्ध मरीज रतलाम में पाया जाता है तो उसके नमूने लेकर जांच के लिए भेजने में कोई दिक्कत नहीं होगी। मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. संजय दीक्षित बताते हैं कि नमूने दो तरह से लिए जाना होते हैं और दोनों तरह की जांच कीट जिला अस्पताल में न केवल उपलब्ध करवा दी गई वरन इनके उपयोग और नमूने लेने के दौरान कर्मचारी की सुरक्षा से जुड़े बिंदुओं पर उन्हें प्रशिक्षित भी कर दिया गया है। हालांकि रतलाम में अब तक कोई भी संदिग्ध मरीज सामने नहीं आया है।
इंफेक्शन से बचने के लिए तीन लेयर में पैकिंग
मेडिकल कालेज के माइक्रोबायोलाजी डिपार्टमेंट के असोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रफुल्ल सोनगरा और असिसटेंट प्रोफेसर गौरव सक्सेना ने नमूने लेने वाली जांच कीट के उपयोग और नमूना लेकर उसे जांच के लिए भेजे जाने के दौरान बरती जाने वाली सावधानी के बारे में हर एक बिंदु से अवगत कराया। उन्हें बताया गया कि कोरोना वायरस का इंफेक्शन बहुत तेजी से फैलता है। जांच के नमूने लेने वाले कर्मचारी बहुत सावधानी से इसके नमूने लेना होते हैं। इसलिए नमूने लेने के बाद इसे तीनस्तर की पैकिंग में रखा जाता है जिससे ट्रांसपोर्ट के दौरान भी किसी को इंफेक्शन नहीं हो पाए।
कैसे पहने और उतारे जांच कीट
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि नमूने लेने वाले कर्मचारी द्वारा पहनी जाने वाली पर्सनल प्रोटेक्टीव इक्युपमेंट कीट को सबसे पहले कैसे पहने और नमूने लेने के बाद किस तरह से पहले, दूसरे और तीसरे क्रम में उसे उतारा जाए। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि इसे पहनने और उतारने के तरीकों से ही सावधानी बरतना शुरू होती है।
दो तरह से लिए जाते हैं नमूने
मेडिकल कालेज के माइक्रोबायोलाजी डिपार्टमेट के हेड डॉ. शशि गांधी के अनुसार कोरोना वायरस की जांच के लिए संदिग्ध मरीज के दो तरह से नमूने लिए जाते हैं। इनमें पहला उसके स्वाब के नमूने लिए जाते हैं जिसे वायरल ट्रांसपोर्ट मीडिया में पैक करके भेजा जाता है जबकि दूसरा लंग्स से सेंपल लेकर कंटेनर में रखे जाते हैं।
पर्याप्त जांच कीटे मौजूद
मेडिकल कालेज ने जिला अस्पताल को वायरल ट्रांसपोर्ट मीडिया की दो जांच कीटे उपलब्ध कराई है जबकि लंग्स से लोस्पेक्टरी के रूप में लिए जाने वाले सेंपल की छह जांच कीट उपलब्ध कराई है। मेडिकल कॉलेज के पास यह पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है जबकि वायरल ट्रांसपोर्ट कीट के लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं जो जल्द मिल जाएगी।