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रतलाम जैविक-प्राकृतिक हाट में शहद, घी, सब्जियां

रतलाम. जैविक प्राकृतिक हाट में फिर से किसानों की संख्या बढकऱ दस पर पहुंच गई। पिछले सप्ताह तीन किसान रह गए थे, रविवार को लगे जैविक/प्राकृतिक हाट बाजार में विभिन्न विकासखंडों से आए किसानों ने अपने जैविक एवं प्राकृतिक उत्पादों का 63320 रुपए में विक्रय किया। ग्राहकों का कहना था कि जैविक हाट सामने लगे […]

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Organic-Natural Haat news

जैविक-प्राकृतिक हाट में में रविवार को 63 हजार 320 रुपए के उत्पाद विक्रय, बड़े किसान

रतलाम. जैविक प्राकृतिक हाट में फिर से किसानों की संख्या बढकऱ दस पर पहुंच गई। पिछले सप्ताह तीन किसान रह गए थे, रविवार को लगे जैविक/प्राकृतिक हाट बाजार में विभिन्न विकासखंडों से आए किसानों ने अपने जैविक एवं प्राकृतिक उत्पादों का 63320 रुपए में विक्रय किया।

ग्राहकों का कहना था कि जैविक हाट सामने लगे तो किसानों का भी अच्छा व्यापार हो सकता हैं, या फिर बैनर फ्लेक्स से प्रचार प्रसार ऐसा हो कि उन्हे हाट ढूंढना न पड़े। पीछे होने के कारण आम आदमी पहले सब्जी मंडी में जाता है, इसके बाद घर जाते समय देखने पर पता चलता है कि यहां जैविक हाट बाजार भी लगता हैं।

शहद और घी की अधिक मांग
जैविक-प्राकृतिक हाट ग्राहक की भीड़ हर रविवार बढ़ती जा रही हैं, रविवार शहर की सैलाना रोड सब्जी मंडी में लगे जैविक प्राकृतिक हाट बाजार में दस जैविक कृषक अपने उत्पाद सब्जियां, अनाज, दाल, फल, शहद, घी, मक्खन, दूध आदि सामग्री लेकर पहुंचे और उपभोक्ताओं ने उत्साहपूर्वक जैविक उत्पादों की खरीदारी की।

मंडी में जैविक हाट बाजार सामने लगे
प्रसार-प्रचार के साथ मंडी में प्रवेश के दौरान हाट नजर नहीं आने की कमी किसानों को अब भी खल रही हैं। हाट में किसानों के साथ ग्राहकों की संख्या भी अच्छी रही, लेकिन जैविक उत्पाद खरीदने आए अमनसिंह और मनोहरलाल ने बताया कि हाट सामने से नजर नहीं आता। ताकि सीधे ग्राहक जैविक हाट में पहुंचे। इसके लिए ऐसा स्थान चयन करना चाहिए ताकि सीधे किसान जैविक हाट में पहुंचे।

किस किसान ने कितना उत्पाद विक्रय किया
परियोजना संचालक आत्मा निर्भयसिंह नर्गेश ने बताया कि किस किसान ने कितना विक्रय किया धामनोद से आए किसान चंद्रभानु ने अनाज, दालें, सब्जियां, फल एवं मूंगफली का 42,000 रुपए का विक्रय किया। दिलीप धाकड़ ने 5180 रुपए का शहद, उमेश धाकड़ ने घी-दूध-जैविक उत्पाद 1500 रुपए एवं बालकृष्ण तिवारी सोना मोती एवं खपली प्रजाति का गेहूं 1200 रुपए का विक्रय किया। दिलीप पाटीदार ने घी एवं मक्खन 10000 रुपए और नरसिंह कालजी ने 1600 रुपए की हरी सब्जियां एवं राजेंद्र सिंह ने 1000 रुपए के उत्पाद विक्रय किए।