रेलवे कॊलोनी में पसारे डेंगू ने पैर, आधा दर्जन संदिग्ध मरीज सामने आए
रतलाम। बारिश का समय खत्म होने वाला होता है और सर्दियां शुरू होने वाली होती है। इस दौरान मौसम का संक्रमण काल होता है जो मनुष्यों के लिए सबसे परेशानी वाला होता है। इस दौरान डेंगू के सबसे ज्यादा मरीज सामने आने लगते हैं। मच्छर इस संक्रमण काल में ही ज्यादा पनपते हैं। शहर में तो डेंगू के मरीज बढ़ रहे हैं अब रेलवे कॉलोनी में भी इनकी संख्या सामने आई है।
शहरी क्षेत्र में डेंगू के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है। अब सुरक्षित कहे जाने वाले रेलवे कॉलोनियों में रहने वाले रेलवे परिवारों में भी इसका तेजी से असर फैल रहा है। एक पखवाड़े में ही रेलवे क्षेत्र की कॉलोनियों से आधा दर्जन संदिग्ध मरीज डेंगू के सामने आ चुके हैं। ये सभी रेलवे अस्पताल में भर्ती कराए गए और यहां से इंदौर रैफर किए गए हैं। हालांकि इंदौर से इनकी बाद की रिपोर्ट नहीं आई है कि इन्हें डेंगू है या नहीं।
तीन दिन में तीन मरीज
रेलवे कॉलोनियों में रहने वाले कर्मचारियों के परिवारों मेंं इस बात को लेकर भी आक्रोश है कि रेलवे कॉलोनियों में पर्याप्त सफाई व्यवस्था नहीं है। नालियों में पानी जमा है तो गंदगी चारों तरफ पड़ी रहती है, जिससे मच्छरों को पनपने में पर्याप्त अवसर मिल रहा है। पिछले तीन दिन में रेलवे अस्पताल में तीन संदिग्ध मरीज डेंगू के पहुंच चुके हैं। इनमें एक बच्चा भी है। रेलवे अस्पताल से जुड़े सूत्र बताते हैं कि बच्चे को शुक्रवार की शाम को भर्ती कराया गया जबकि दो अन्य मरीजों को दो दिन पहले ही यहां भर्ती कराया गया।
इंदौर रैफर हो गए सभी
रेलवे अस्पताल में पिछले दिनों से अब तक करीब छह मरीज संदिग्ध रूप से डेंगू के आ चुके हैं। इन मरीजों में से लगभग सभी के परिजन उन्हें यहां भर्ती कराने के बाद स्क्रीनिंग टेस्ट में कुछ संदिग्ध लगने पर इंदौर ले गए। वहां से फिलहाल कोई सूचना हमारे पास नहीं आई कि इनकी रिपोर्ट निगेटिव आई या पाजीटिव है। लोगों को मच्छरों से बचाव के लिए उपाय करना चाहिए और बुखार या किसी अन्य तरह की बीमारी होने पर अस्पताल लाकर जरुर इलाज करवाना चाहिए।
एके मालवीय, सीएमएस, रेलवे अस्पताल, रतलाम