
रतलाम। दिवाली 2019 पर इस बार सिर्फ 115 मिनट का सबसे बेहतर शुभ मुहूर्त बन रहा है। इस मुहूर्त में की गई पूजा पूरे वर्ष बेहतर फल देगी। यह बात रतलाम के प्रसिद्ध ज्योतिषी वीरेंद्र रावल ने दिवाली पूजा का मुहूर्त बताते हुए कही। इस बार अमावस्या तिथि की शुरुआत दोपहर 12 बजकर 23 मिनट पर होगी।
ज्योतिषी वीरेंद्र रावल ने बताया कि अमावस्या तिथि की शुरुआत दोपहर 12 बजकर 23 मिनट को 27 अक्टूबर को होगी। यह तिथि का समापल 28 अक्टूबर को सुबह 9 बजकर 8 मिनट पर होगा। महालक्ष्मी पूजा का सबसे बेहतर फल देने के लिए पूजा का समय शाम को 6 बजकर 42 मिनट से शुरू होगा व यह रात को 8 बजकर 11 मिनट तक रहेगा। इसमे भी 115 मिनट का सबसे बेहतर फल वृषभ लग्न में की गई पूजा का फल मिलेगा। यह पूजा का बेहतर समय रात 8 बजकर 37 मिनट तक रहेगा।
माता महालक्ष्मी को प्रसन्न करना आसान
ज्योतिषी वीरेंद्र रावल ने बताया कि दिवाली 2019 में माता महालक्ष्मी का पूजा शुभ फल के लिए अनेक टोटके बताए गए है। माता महालक्ष्मी को प्रसन्न करने के तरीके आसान है। हालांकि इस बारे में जानकारी कम लोगों को है। माता महालक्ष्मी को प्रसन्न करने के अनेक तरीके पुराण में बताए गए है। इनको करने से आसानी से माता महालक्ष्मी की कृपा को पाया जा सकता है।
इन टोटकों से करें प्रसन्न माता महालक्ष्मी को
- दिवाली पूजा के बाद घर के सभी कमरों में शंख, घंटे-घडि़याल बजाएं।
- दिवाली पूजन में पीली रंग के कोडियों को रखें। इससे माता की विशेष कृपा मिलती है।
- दिवाली के दिन शिवलिंग पर अक्षत यानी के पूरे दाने के चांवल चढ़ाएं।
- माता महालक्ष्मी की पूजा में हल्दी की एक पूरी गांठ जरूर रखें।
- पूजन के बाद इस गांठ को घर की तिजोरी में रखें।
- दिवाली के दिन सुबह पीपल में जल अवश्य चढ़ाएं।
- पीपल में जल चढ़ाने से कालसर्प दोष के साथ शनि व राहु की पीड़ा दूर होती है।