
रतलाम. शहर के स्टेशन रोड, टीआईटी कॉर्नर, अशीर्वाद होटल रोड और काला घाड़ा चौराहा पर गुरुवार को करीब 30 मिनट तक वो सबकुछ हुआ, जिसकी कल्पना शहर ने नहीं की। गैंगरेप के खिलाफ जनाक्रोश, प्रदर्शन, पुलिस का हालात नियंत्रित करने के लिए जवाबी मोर्चा और इस बीच उन लोगों के भागते-बचते दृश्य जो भीड़ बन खड़े हुए थे। एक्शन में आई पुलिस को देख आम आवाजाही वाले लोग भी फंस गए। कई वाहन चालक तो पुलिस की लाठी से बचने के लिए मुड़े और गिरे, फिर संभलकर निकले। ड्यूटी पर जाने वालों की आंखों के सामने अचानक आंसू गैस का धुआं छा गया। रोड पर हर ओर अफरा-तफरी का माहौल और इसके बीच यहां-वहां गलियों में भागते लोग।
बैंकों के शटर गिरे, एटीएम में घुस गए लोग
स्टेशन रोड पर पुलिस के लाठीचार्ज में दिनेश पिता विनोद को चोंट लगी है। उनके साथ खड़े मोहित वर्मा को भी पुलिस की लाठी लगी है, ये दोनों बंधन बैंक के बाहर खड़े थे, तभी पुलिस ने आकर लाठी मारी। इसी दौरान करीब 150 से ज्यादा लोग टीआईटी सहित पास की गलियों में भागे, एचडीएफसी बैंक सहित अन्य बैंकों के बाहर खड़े कई ग्राहक भी पुलिस की चेतावनी के बाद इधर-उधर भागते नजर आए, महिलाएं एटीएम में घुस गई तो कई ग्राहक बैंक के अंदर चले गए। दुकान बंद नहीं करने पर पुलिस ने ठंडा मारकर दुकान बंद करा दी। बैंकों के शटर भी बंद करा दिए तो वाहनों को गिरा दिया।