आमतोर पर शरीर में कोई समस्या हो तो एक्सरे करवाने के लिए मशीन व मरीज का होना जरूरी है, लेकिन रतलाम में एक नई व्यवस्था हो गई है। एक्सरे के दौरान मरीज के पास खुद का मोबाइल होना जरूरी है, नहीं तो रिपोर्ट नहीं मिलेगी।
रतलाम. एक तरफ चिकित्सा के क्षेत्र में कई तरह के बदलाव के दौर में डिजिटल एक्स रे की और इस क्षेत्र जा रहा है, वही दूसरी और रेलवे अस्पताल में मरीजों को एक्सरे करवाने आने से पूर्व अपने साथ एंड्राइड मोबाइल लेकर आना अनिवार्य कर दिया गया है। असल में एक्सरे फिल्म नहीं खत्म होने से रेलवे अस्पताल में यह व्यवस्था की गई है।
रेलवे अस्पताल में मरीजों को अपनी टूटी हड्डी, शरीर पर अन्य कोई चोट के साथ - साथ मोबाइल लेकर एक्सरे करवाने जाना होगा। अगर मरीज के पास एक्सरे की रिपोर्ट लेते समय मोबाइल नहीं है तो मरीज को रिपोर्ट नहीं दी जाएगी। असल में रेलवे अस्पताल में कोरोना काल में लोकल पर्चेङ्क्षसग के दौरान एक्सरे की फिल्म उपलब्ध नहीं हो पाई। तब तो जैसे - तेसे व्यवस्था कर ली गई, लेकिन अब एक्सरे रिपोर्ट के लिए मोबाइल अनिवार्य कर दिया गया।
अब होता है यह
अब मरीज को कम्प्यूटर पर लिए गए एक्सरे को दिखा दिया जाता है। कम्प्यूटर में दिखाए जा रहे फोटो को मरीज या उसके साथ का परिजन अपने मोबाइल में लेता है व इसके बाद चिकित्सक को फोटो दिखाया जाता है। अगर फोटो के लिए मरीज के पास मोबाइल नहीं है तो परेशानी होती है। इतना ही नहीं, अगर मोबाइल का लैंस सही नहीं है व फोटो सही नहीं आता है तो चिकित्सक भी परेशान हो रहे है।
जल्दी ही पीडीएफ में देंगे
एक्सरे की फिल्म नहीं होने से यह व्यवस्था की है। जल्दी ही सीधे चिकित्सक को सीधे एक्सरे की पीडीएफ भेज सकें, इस व्यवस्था को शुरू करने जा रहे है। जिससे मरीज को कम्प्यूटर से फोटो लेने की बाध्यता समाप्त हो जाएगी।
- डॉ. अवधेश अवस्थी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, रेलवे अस्पताल