railway news रखरखाव में रन ओवर हुआ तो कड़ा एक्शन, रेलवे बोर्ड के आदेश के बाद मंडल में हडक़ंप
रतलाम। पश्चिम रेलवे में रेलवे ट्रैक के रखरखाव के दौरान सबसे अधिक रन अेावर की घटना होती है। इनको बंद करने या कम करने के लिए अब रेलवे ने कड़ा एक्शन लेने का निर्णय ले लिया है। अगर काम के दौरान कोई ट्रेन पटरी पर आई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ रेलवे बोर्ड चैयरमेन खुद सीधे एक्शन लेंगे। इस बारे में रेलवे ने आदेश जारी कर दिया है। इस आदेश के बाद मंडल के इंजीनियरिंग विभाग में हडक़ंप है।
बता दे कि देशभर में पटरी पर ट्रेन आने से मरने वालों की संख्या वर्ष 2017 में 10 हजार से अधिक थी। इनमे अकेले पश्चिम रेलवे में ही एक हजार से अधिक लोग मरे थे। इनमे से रेलवे कर्मचारियों की संख्या भी शामिल थी। इसी प्रकार मंडल में भी कर्मचारियों की मौत काम के दौरान ट्रेन आने से बिते वर्षो में हुई है। अब इस प्रकार की घटना को कम करने के लिए रेलवे ने चार बिंदुओं का सख्ती वाला आदेश जारी किया है।
ये किया शामिल आदेश में
- रखरखाव कार्य पूरी तरह से सुरक्षित तरीके से ही हो। ये तब ही किया जाए, जब ये तय हो गया हो कि कर्मचारी ट्रैक पर सुरक्षित है।
- किसी भी ट्रैक पर कोई भी सुपरवाईजर किसी भी कर्मचारी को बगैर सुरक्षा के नहीं उतारेगा नही दबाव देगा।
- संरक्षा के नाम पर कोई सेक्शन इंजीनियर किसी कर्मचारी को परेशान या प्रताडि़त करके काम नहीं करा सकेगा।
- अगर बगैर सुरक्षा या संरक्षा के काम चलता है व कोई ट्रेन आती है तो सीधी कार्रवाई अधिकारी पर होगी।
इन्होंने जारी किए आदेश
इस बारे में रेलवे बोर्ड के सिविल इंजीनियर निदेशक आरसी ठाकुर ने 6 नवंबर को आदेश जारी कर दिए है। मंडल के इंजीनियरिंग विभाग को ये आदेश मिल गए है। इन आदेशों के बाद से मंडल के इंजीनियरिंग विभाग में हडक़ंप है। क्योकि कुछ दिन पूर्व ही एक ट्रेन का इंजन ट्रैक पर काम चलने के दौरान मेघनगर से गोधरा सेक्शन के बीच आया था। तब इंजन में पटरी का एंगल आ गया था। बाद में पता चला था कि सेक्शन इंजीनियर के दबाव में कर्मचारियों से काम कराया जा रहा था।