बदलते दौर में रेलवे जिस तरह से हाईटेक हो रहा है उसका सबसे बड़ा लाभ रतलाम रेल मंडल को मिला है।
रतलाम। वो दौर बीते समय का हो गया, जब यात्री ट्रेन की गति धीमी थी व ट्रेन कब सुरक्षित यात्रियों को अपने स्टेशन तक पहुंचाएंगी कहा जाता था। बदलते दौर में रेलवे जिस तरह से हाईटेक हो रहा है उसका सबसे बड़ा लाभ रतलाम रेल मंडल को मिला है। कभी 3 से 5 घंटे तक चलने वाली अवध एक्सप्रेस ट्रेन तक समय पर आने लगी। इससे पूरे देश में रतलाम रेल मंडल समय पर ट्रेन चलाने के मामले में देश में दूसरे नंबर पर आ गया है। जबकि पहले नंबर पर दक्षिण भारत का मदुरै तो दूसरे नंबर पर राजस्थान का बीकानेर मंडल आया है। रेलवे ने इसको लेकर रिपोर्ट इसी सप्ताह जारी की है। बड़ी बात यह है टॉप 10 में मप्र में सिर्फ रतलाम, राजस्थान के चार व गुजरात के दो मंडल शामिल है।
रेलवे के अनुसार नई दिल्ली से लेकर मुंबई तक एक तरफ रेलवे ट्रैक को हाईटेक किया है। इसके बाद नई दिल्ली से लेकर कोटा व कोटा से रतलाम रेल मंडल के रतलाम तक यात्री ट्रेन की गति को 100 किमी प्रतिघंटा से बढ़ाकर 130 व 140 किमी प्रतिघंटा तक रफ्तार की। इसके अलावा सिग्नल से लेकर ट्रैक को बेहतर किया। इससे ही यात्री ट्रेन अब यात्रियों को समय पर अपने घर तक पहुंचाने लगी।
जीएम से लेकर मंत्री तक समीक्षा
देशभर में जिन रेल मंडल में आए दिन ट्रेन देरी से चलती थी, उनकी समीक्षा रेलवे महाप्रबंधक यानी की जीएम से लेकर रेलवे मंत्रालय स्तर पर एक साल तक समीक्षा की। इस समीक्षा के बाद जहां जो कमी मंडल रेल प्रबंधक से लेकर महाप्रबंधक ने बताई, उन कमी को दूर किया। जैसे रतलाम रेल मंडल में ट्रैक में सुधार किया तो बीकानेर में सिग्नल को आधुनिक किया।
यह है देश के प्रमुख रेल मंडल के नंबर
रेल मंडल - प्रतिशत समय पर पहुंचाने का
मदुरै - 99.2
रतलाम - 98.9
बीकानेर - 98.1
सियालदेह - 98
राजकोट - 97.7
अजमेर - 97.1
जोधपुर - 96.1
पालघाट - 95.9
कोटा व गंटुर - 95.7
अहमदाबाद - 95.1
निरंतर बेहतर का प्रयास
रेलवे लगातार यात्रियों को बेहतर सुविधाएं दे रही है। समय पर ट्रेन चलाने के लिए कई स्तर के कार्य इंजीनियरिंग, परिचालन, वाणिज्य, मैकेनिकल विभाग सहित सभी का योगदान है। सबसे बड़ी बात हमारे गैंगमैन व ट्रैकमैन सबसे बेहतर कार्य कर रहे है।
- खेमराज मीणा, जनसंपर्क अधिकारी, रतलाम रेल मंडल