रतलाम

इंदौर दाहोद रेल लाइन : अब आएगी काम में गति

नई रेल लाइन के लिए दो वर्ष से था काम बंद, अब लागत हुई दो हजार करोड़ रुपये

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Jan 04, 2022
indore dahod rail line
indore dahod rail line

रतलाम. रेल मंडल में दो वर्ष से कई बड़ी परियोजनाओं का काम रुका रहा। इनमे सबसे महत्वपूर्ण इंदौर - दाहोद रेल लाइन प्रोजक्ट भी है। दो वर्ष से बंद इस प्रोजेक्ट की लागत 1640 करोड़ रुपये से बढ़कर दो हजार करोड़ रुपए हो गई है। अब 2022 में इस प्रोजेक्ट पर काम इसलिए शुरू होगा, क्योंकि रेलवे बोर्ड ने हाल ही में इस प्रोजेक्ट पर लगाई हुई रोक को हटा लिया है।

204.76 किलोमीटर लंबी रेललाइन की शुरुआत 2008 में हुई थी। इंदौर से टीही तक का काम पूरा हो चुका है। अभी कंटेनर ट्रेन चलाई जा रही है। रेल लाइन के बन जाने पर इंदौर से गुजरात और महाराष्ट्र का सफर आसान होगा। इस प्रोजेक्ट में 41 बड़े जबकि 32 छोटे रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे। रेल लाइन इंदौर, पीथमपुर, धार, सरदारपुर, झाबुआ, होते हुए दाहोद को जोड़ेगी।

दो किमी होगी सुरंग


दाहोद लाइन की पहली सुरंग टीही और पीथमपुर स्टेशन के बीच बनना है। करीब दो किलोमीटर लंबी इस सुरंग के बनने के बाद ही पीथमपुर और धार तक रेल लाइन पहुंच पाएगी। अन्य सुरंगें धार से झाबुआ के बीच बनेंगी जिनका निर्माण खासतौर पर माछलिया घाट वाले हिस्से में होगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार 21 किलोमीटर तक का काम इंदौर से टीही के बीच पूरा हो चुका है। 16 किलोमीटर तक काम दाहोद से कठवाड़ा के बीच पूरा हो चुका है। 2021 तक इस प्रोजेक्ट पूरा करने का टारगेट था, लेकिन कोरोना काल में इसका काम बंद हो गया। 1640 करोड़ का प्राजेक्ट बढ़ कर 2000 करोड़ रुपए हो गया है। अब तक जनवरी 2021 तक इस योजना में 4788 लाख रुपए का व्यय वर्ष 2020 - 2021 में हो चुका है। इस प्रोजेक्ट में 331 पुल बनाए जाने हैं। इनमें 41 बड़े और 290 छोटे हैं, जबकि 32 छोटे - बड़े कुल रेलवे स्टेशन रहेंगे। अब रेलवे के पास लगभग 175 करोड़ रुपये का बजट है।

होल्ड हटा दिया गया है


रेल मंडल की इंदौर - दाहोद रेल लाइन पर जो होल्ड लगा हुआ था, उसको हटा दिया गया है। अब वरिष्ठ कार्यालय के निर्देश अनुसार कार्य की शुुरुआत होगी।


- खेमराज मीणा, मंडल रेल प्रवक्ता

Updated on:
02 Jan 2022 04:42 pm
Published on:
04 Jan 2022 06:06 am