रतलाम

पलटने से बाल बाल बची इंदौर जोधपुर इंटरसिटी

इंदौर से कोटा तक चली, कोटा में पता चला, इसके बाद कॉशन आर्डर देकर चलवाया ट्रेन को

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Oct 11, 2019
Railway
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रतलाम। इंदौर से जोधपुर के लिए चलने वाली इंटरसिटी एक्सपे्रस ट्रेन बुधवार को पलटने से बाल-बाल बच गई। इस ट्रेन में स्प्रिंग ही टूटी हुई थी। इसकी जानकारी कोटा में जांच के दौरान पता चली। इसके बाद ट्रेन को अतिरिक्त सतर्कता के साथ जोधपुर के लिए रवाना तो कर दिया गया, लेकिन इस घटना ने रेलवे के उस दावे की पोल खोलकर रख दी है जिसमे कहा जाता है कि रखरखाव कार्य बेहतर हो रहा है।

बुधवार को इंदौर से चली रणथंभौर एक्सपे्रस इंदौर से कोटा तक टूटी स्प्रिंग के साथ दौड़ी। कोटा में जब इसके बारे में पता चला तो आधे घंटे तक इसको सुधार का प्रयास हुआ, लेकिन जब सफलता नहीं मिली तो कॉशन आर्डर (सतर्कता आदेश ) के साथ ट्रेन को आगे की तरफ चला दिया गया। इंदौर से कोटा तक ट्रेन 100-110 की गति से चली।बुधवार को दोपहर कीब 1 बजे कोटा के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर ट्रेन नंबर १12465 इंटरसिटी एक्सपे्रस पहुंची। इंदौर से ये ट्रेन 100-110 की गति पर कोटा तक चली थी। इसी दौरान सामान्य डिब्बे की जांच के दौरान कर्मचारी को व्हील के उपर टूटी हुई स्प्रिंग नजर आई। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद करीब 40 मिनट तक ट्रेन को सुधार के प्रयास हुए, लेकिन जब सफलता नहीं मिली तो इसको 60 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलाने के आदेश देकर रवाना कर दिया गया।

पहले भी हुए है मामले

ये पहला अवसर नहीं है जब यात्री ट्रेन इस प्रकार के चली हो। इसके पूर्व अनेक बार डॉ. अंबेडकर नगर से इंदौर के रास्ते रतलाम तक आने वाली डेमू ट्रेन के यात्री डिब्बों में तो कभी इंजन में इस प्रकार की समस्या आई है। इंजन में तो डीजल के अतिरिक्त बहाव के बाद आग लगने तक की घटना हुई है। इसके बाद भी रेलवे रखरखाव के मामले में सतर्कता नहीं रख रहा है। यात्रियों की जान की परवाह किए बगैर ट्रेन को चलाया जा रहा है।

गंभीरता का निर्देश
आमतौर पर पूरी ट्रेन की जांच के बाद ही इसको चलाया जाता है। स्प्रिंग टूटने से बड़ा खतरा नहीं रहता बल्कि ट्रेन को कॉशन आर्डर देकर चलाया जा सकता है। फिर भी अधिक सतर्कता के साथ ट्रेन की जांच की जाए इस बारे में निर्देश जारी किए जाएंगे।
- जेके जयंत, जनसंपर्क अधिकारी, रतलाम रेल मंडल

Published on:
11 Oct 2019 12:45 pm