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सुखेडा. सावन माह का प्रथम सोमवार सूखा रहा, लेकिन दूसरे सोमवार को सुबह से ही बारिश की झड़ी शुरू हो गई। जिसके कारण पूरा दिन अंधेरे में छाया रहा और सूर्य के दर्शन भी नहीं हुए। व्यापारी वर्ग के लोग अपनी दुकानों में लाइट जलाकर व्यापार कर रहे थे।
सोमवार को दिनभर कभी तेज तो कभी बूंदाबांदी का दौर चलता रहा, जिसके कारण सड़कें गीली रहीं। छात्र एवं छात्राएं छाता लेकर स्कूल परिसर तक पहुंच रहे थे, तो दुपहिया वाहन चालक रेन कोट पहनकर अपने गंतव्य तक पहुंच रहे थे। सुबह से शाम तक बूंदाबांदी होने से मौसम में ठंडक घुल गई। हालांकि, झमाझम बारिश नहीं होने से सुखेडा के दोनों छोर पर स्थित रोजड़ी व निनोरी नदी अभी भी खाली पड़ी हुई हैं। वहीं, रोजड़ी नदी में बारिश का पानी नहीं आने से डाबर में भरा पानी उल्टी दिशा में बह रहा था। बूंदाबांदी बारिश के साथ-साथ बिजली भी आंख-मिचौली खेल रही थी, जिसके कारण विद्युत उपकरण से व्यापार करने वाले व्यापारियों को दिक्कत हो रही थी। विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक मशीन से सिलाई करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।