रतलाम

MP में 18,500 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ाए थे CMO और बाबू, अब हुई 4 साल की सजा

MP News: मध्य प्रदेश के जावरा में रिश्वत लेने वाले सीएमओ और बाबू को चार साल की सजा हुई है।

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Feb 19, 2026

MP News: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले की जावरा तहसील के नगरपालिका में मार्च 2021 के दौरान सीएमओ रहते हुए ठेकेदार को फाइनल भुगतान के बदले रिश्वत लेने के मामले में रतलाम की विशेष कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया। इसमें तत्कालीन सीएमओ रही नीता जैन और लिपिक विजय सिंह शक्तावत दोनों को चार-चार साल की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने इन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धारा के तहत दोषी करार देते हुए यह फैसला दिया है।

मामले की शिकायत पेटी कांट्रेक्टर पवन भावसार ने की थी। इसी के बाद लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने 12 मार्च 2021 को नगरपालिका कार्यालय पहुंचकर बाबू शक्तावत की जैब से 18 हजार 500 रुपए की रिश्वत का लिफाफा जब्त किया था तथा ये राशि सीएमओ नीता जैन को दी जाना थी। इसलिए उन्हें भी आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त इंस्पेक्टर बसंत श्रीवास्तव ने कहा था कि सीएमओ नीता जैन द्वारा रुपए मांगने संबंधी बातचीत की रिकार्डिंग भी उपलब्ध है। इसी आधार पर दोनों के खिलाफ केस चला और अब कोर्ट ने फैसला सुनाया है।

एफडी रिलीज करने की एवज में मांगी थी रिश्वत

शिकायतकर्ता सिविल ठेकेदार पवन भावसार ने नगरपालिका में कई निर्माण कार्य किए कब्रिस्तान, मालीपुरा नाली, गुलशन टॉकीज की सीसी रोड और रतलामी गेट की नाली। काम के बदले 1,23,000 की सिक्योरिटी एफडी जमा थी, जिसमें करीब 60,000 का भुगतान बकाया था। एफडीआर रिलीज कराने पहुंचे ठेकेदार से कथित रूप से 3 प्रतिशत कमीशन मांगा गया। बातचीत बाबू विजय सिंह के माध्यम से हुई और करीब 20,000 में डील तय हुई। भावसार ने रिकॉर्डिंग के साथ उज्जैन लोकायुक्त में शिकायत कर दी।

ट्रैप के बाद भी पद पर थीं नीता जैन

इस मामले में सबसे गंभीर बात तो यह थी कि लोकायुक्त ट्रेप होने के बाद दो माह बाद स्थानांतरण आदेश आ गया, लेकिन उसके बाद भी आदेश दबा रहा। जिसके चलते नीता जैन ट्रेप होने के बाद भी करीब 5 माह तक जावरा नपा में ही सीएमओ के पद पर जमी रही और फाईलों पर बदस्तुर हस्ताक्षर करती रही। लोकायुक्त के बुलावे पर भी कई बार पेशी नहीं हुई, जब लोकायुक्त ने जेल भेजने की तैयारी की तो वे वाईस सेम्पल देने उज्जैन पहुंची थी। दबा हुआ स्थानांतरण आदेश ओपन होने के बाद मामले ने तुल पकड़ा तो अंततः 17 जुलाई 2021 को तत्कालीन कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने नीता जैन को रिलीव किया, तब जाकर जावरा नगरपालिका से उनका कार्यभार हटाया गया।

Published on:
19 Feb 2026 08:20 pm
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