MP news: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के अंतर्गत आने वाले जावरा अनुभाग में विचित्र घटना देखने को मिली एक पिता ने अपनी जिंदा बेटी के नाम उसे अमृत मान कर शोक निवारण का कार्यक्रम कर दिया।
MP News: शहर के मालीपुर क्षेत्र में रहने वाले एक परिवार की बेटी ने बालिक होते ही प्रेम विवाह रचा लिया जिससे नाराज होकर उसके परिवार जनों ने बेटी को मृत मानते हुए उसके शोक निवारण का कार्यक्रम गुरुवार को कर दिया। मालीपुर के रहने वाले राकेश मेहरा ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी बेटी नेहा मेहरा ने 13 दिसंबर को अपने प्रेमी के साथ प्रेम विवाह कर लिया था उसके बाद भी वह हमें बिना बताए घर में रह रही थी। इस घटना ने फिल्म सनम तेरी कसम की याद दिला दी, जिसमें पिता को लगता है कि उसकी बेटी ने बिना बताए लव मैरिज कर ली। और वह गुस्से में उसका श्राद्ध करवा देता है।
24 दिसंबर को अचानक मुझे थाने से फोन आया और थाने पर बुलवाया गया। वहां जाकर देखा तो महिला पुलिस अधिकारी ने मुझे बताया है कि आपकी बेटी ने 13 तारीख को प्रेम विवाह कर लिया है। मुझे इनके शादी के सारे फोटो दिखाए। इसके बाद मैंने बेटी को घर चलने का कहा था। लेकिन तब उसने घर जाने से साफ इनकार कर दिया। उसने पुलिस के सामने कहा कि वह अपने प्रेमी के साथ जाना चाहती है।
शादी का पता चलने और घर न जाने की बात पर पिता समेत अन्य घर वालों में आक्रोश व्याप्त हो गया। गुस्साए पिता ने फैसला किया कि वह बेटी का शोक निवारण कर उसके साथ रिश्ता ही खत्म कर देगा। पिता के फैसले का परिवार जनों से समर्थन किया। सभी की सहमति के बाद पिता ने जिंदा बेटी का शोक निवारण कार्यक्रम कर दिया। इसमें उसके सभी घर वाले शामिल हुए। पिता ने बताया कि अब हमारे लिए बेटी मर चुकी है।
इसके बाद गुरुवार को घर वालों की सहमति से बेटी का शोक निवारण का कार्यक्रम किया गया है इसमें सभी घरवालों का कहना है की बेटी अब हमारे लिए मर चुकी है इसलिए उसके शोक निवारण का कार्य कर दिया जाए जिसमें परिवार के सभी लोग उपस्थित रहे।
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में सामने आई इस घटना में पिता राकेश मेहरा का कहना है कि हमने यह ठोस कदम भी इसलिए उठाया है कि हमारे साथ तो यह घटना घट गई परंतु इसको देखकर अन्य बेटियां जो इस तरह का कदम उठाने की सोचती है वह एक बार सोच ले कि इस तरह के कदम के बाद उनके परिवार उनके लिए क्या कर सकता है क्योंकि बाद में परिवार का रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है अन्य बेटियां इस तरह का कोई कदम न उठाए इसके लिए यह ठोस निर्णय परिवार के द्वारा लिया गया।