
Nitin Gadkari convoy : दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे(Delhi-Mumbai Expressway) के निरीक्षण के दूसरे दिन गुरुवार को एक बड़ा हादसा टल गया। केंद्रीय सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी जब रतलाम और झाबुआ जिले के हिस्से का जायजा ले रहे थे, तब शिवगढ़ थाना क्षेत्र के पास कुछ ग्रामीण अचानक उनके तेज रफ्तार काफिले के सामने आ गए।
काफिला करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजर रहा था। ग्रामीणों के अचानक सामने आने से दुर्घटना का खतरा मंडरा गया। काफिले में शामिल अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को भांपते हुए तत्काल सभी को हटाया। ग्रामीण समय रहते काफिले के रास्ते से हट गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया। इस दौरान काफिले के कुछ वाहन भी आपस में टकराने से बाल-बाल बचे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
केंद्रीय मंत्री गडकरी बुधवार रात मंदसौर जिले के गरोठ में विश्राम करने के बाद गुरुवार सुबह करीब 8.15 बजे आगे के दौरे के लिए रवाना हुए थे। सुबह लगभग 10.25 बजे उनका काफिला रतलाम जिले की असावती सीमा पर पहुंचा, जहां कलेक्टर मिशा सिंह और एसपी अमित कुमार ने उनका स्वागत किया। वहां करीब पांच मिनट रुककर उन्होंने एक्सप्रेस-वे की प्रगति और निर्माण कार्यों की समीक्षा की। इसके बाद वे 19 वाहनों के सुरक्षा काफिले के साथ झाबुआ की ओर बढ़ गए।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे(Delhi-Mumbai Expressway) के निर्माण कार्यों की प्रगति को परखने निकले केंद्रीय सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को झाबुआ जिले से गुजरते हुए परियोजना की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। गरोठ में रात्रि विश्राम के बाद सुबह करीब 10.30 बजे उनका काफिला जिले की सीमा स्थित वे-साइड एमेनिटी पहुंचा, जहां उन्होंने करीब 25 मिनट तक अधिकारियों के साथ निर्माण कार्यों की समीक्षा की। इसके बाद उनका काफिला बिना किसी औपचारिक कार्यक्रम के पूरी रफ्तार से गुजरात की ओर रवाना हो गया और झाबुआ जिले की 52 किलोमीटर लंबी सीमा को महज आधे घंटे में पार कर लिया।