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रतलाम के आलोट में बड़ी कार्रवाई: 9 निजी स्कूलों का निरीक्षण, 3 को नोटिस

पत्रिका की खबर का असर: कक्षा 5वीं व 8वीं की अनिवार्य सरकारी पुस्तकें नहीं मिलने का मामला। शिक्षा विभाग आया हरकत में सरकारी किताबों की जांच शुरू। नगर के सभी पुस्तक विक्रेताओं की दुकानों पर भी पहुंचा जांच दल, रेट लिस्ट व पुस्तकों की जांच, नियम उल्लंघन पर कार्रवाई के संकेत
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रतलाम

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Gourishankar singh Jodha

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Updated: 10 Jul 2026, 12:04 PM IST

Education Department notices to schools news

पत्रिका की खबर का असर: कक्षा 5वीं व 8वीं की अनिवार्य सरकारी पुस्तकें नहीं मिलने का मामला। शिक्षा विभाग आया हरकत में सरकारी किताबों की जांच शुरू।

रतलाम। पत्रिका की खबर के बाद जिले के आलोट में शिक्षा विभाग हरकत में आया, तुरंत बाद विभाग ने जांच दल गठित कर नगर के निजी विद्यालयों और पुस्तक विक्रेताओं के यहां सघन जांच अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान 9 निजी विद्यालयों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से 3 विद्यालयों में निर्धारित सरकारी पुस्तकें नहीं मिलने पर संबंधित संस्थाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

पत्रिका ने 23 जून के अंक में प्रमुखता से कक्षा 5वीं एवं 8वीं के विद्यार्थियों को शासन की ओर से निर्धारित अनिवार्य सरकारी पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं कराए जाने के मामले को खबर प्रकाशित किया। इसके बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया स्कूलों के साथ ही पुस्तक विक्रेताओं की दुकानों पर भी पहुंचकर जांच की।

पत्रिका ने उठाया था मुद्दा
शासन के निर्देशानुसार कक्षा 5वीं एवं 8वीं के विद्यार्थियों के लिए निर्धारित सरकारी पाठ्यपुस्तकें ही अध्ययन एवं परीक्षा का आधार हैं। इसके बावजूद कुछ निजी विद्यालयों में निजी प्रकाशकों की पुस्तकें संचालित किए जाने तथा सरकारी पुस्तकों की अनदेखी किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। मामले को पत्रिका ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने तत्काल जांच शुरू कर दी।

समय सीमा में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश
जांच दल ने विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों के पास उपलब्ध पुस्तकों, स्कूल प्रबंधन द्वारा जारी पुस्तक सूची, कक्षाओं में पढ़ाई जा रही अध्ययन सामग्री तथा शासन द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम का गहन निरीक्षण किया। जांच के दौरान तीन विद्यालयों में कक्षा 5वीं एवं 8वीं की अनिवार्य सरकारी पुस्तकें उपलब्ध नहीं मिलने पर संबंधित विद्यालय संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला अथवा दोबारा अनियमितता पाई गई तो संबंधित विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुस्तक विक्रेताओं की दुकानों पर भी पहुंचा जांच दल
शिक्षा विभाग की कार्रवाई केवल विद्यालयों तक सीमित नहीं रही। जांच दल नगर के सभी प्रमुख पुस्तक विक्रेताओं की दुकानों पर भी पहुंचा, जहां पुस्तकों की उपलब्धता, मूल्य सूची (रेट लिस्ट) तथा बिक्री व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने यह भी देखा कि कहीं निर्धारित मूल्य से अधिक राशि तो नहीं वसूली जा रही तथा शासन द्वारा निर्धारित सरकारी पुस्तकों के स्थान पर निजी प्रकाशकों की पुस्तकें बेचने का दबाव तो नहीं बनाया जा रहा। इस दौरान सभी पुस्तक विक्रेताओं को रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित रखने तथा शासन के निर्देशों के अनुरूप ही पुस्तकें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद
शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद अभिभावकों में उम्मीद जगी है कि अब विद्यार्थियों को समय पर शासन द्वारा निर्धारित सरकारी पुस्तकें उपलब्ध हो सकेंगी और उन्हें निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें खरीदने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। विभाग ने सभी निजी विद्यालयों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी विद्यार्थी पर किसी विशेष प्रकाशक की पुस्तकें खरीदने का दबाव नहीं बनाया जाए तथा केवल शासन द्वारा स्वीकृत पाठ्यक्रम का ही पालन सुनिश्चित किया जाए।

इन अधिकारियों ने की जांच
जांच दल में विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिलीप शर्मा, विकासखंड स्त्रोत केंद्र समन्वयक प्रहलाद सरोनिया, बीएसी मुकेश कुमार प्रधान, जन शिक्षक राजेश कुमार जोशी एवं जन शिक्षक गोपाल सोलंकी शामिल रहे। टीम ने पूरे दिन विद्यालयों एवं पुस्तक विक्रेताओं के यहां निरीक्षण कर आवश्यक दस्तावेजों की जांच की।

इनका कहना…
नगर के 9 निजी विद्यालयों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से 3 विद्यालयों में कक्षा 5वीं एवं 8वीं की निर्धारित सरकारी पुस्तकें नहीं मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही नगर के सभी पुस्तक विक्रेताओं की दुकानों पर पहुंचकर रेट लिस्ट एवं पुस्तकों की भी जांच की गई है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।"
प्रहलाद सरोनिया, शिक्षा विभाग, आलोट