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रतलाम में अब केवल यूरिया नहीं मिलेगा

ई-टोकन प्रणाली के अन्तर्गत नई व्यवस्था की शुरुआत, यूरिया के साथ किसी भी एक फास्फेटिक खाद का करना होगा चयन, कृषि अधिकारियों ने कहा जिले के सभी विकासखंडों में सुपर फॉस्फेट और एनपीके उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
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ई-टोकन प्रणाली के अन्तर्गत नई व्यवस्था की शुरुआत, यूरिया के साथ किसी भी एक फास्फेटिक खाद का करना होगा चयन

रतलाम. जिले में अब ई-टोकन प्रणाली के अन्तर्गत यूरिया क्रय करने के साथ सुपर फॉस्फेट, एनपीके अथवा डीएपी में से किसी एक फॉस्फेटिक उर्वरक का चयन अनिवार्य किया गया है। किसानों को केवल यूरिया खाद नहीं मिलेगा, इसके साथ किसानों को फास्फेटिक खाद को भी लेना होगा।

फसलों के बेहतर विकास के लिए कृषि विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों ने नत्रजन (यूरिया) के साथ फॉस्फेटिक उर्वरकों जैसे सुपर फॉस्फेट, एनपीके और डीएपी का संतुलित उपयोग आवश्यक करने की सलाह दी है। उप संचालक कृषि विभाग भगवानसिंह अर्गल ने बताया कि जिले में किसानों को उर्वरकों का वितरण ई-विकास प्रणाली के माध्यम से पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से किया जा रहा है। इस प्रणाली से फसल के रकबे और प्रकार के अनुसार कृषि वैज्ञानिकों की अनुशंसा पर उर्वरक की मात्रा निर्धारित की जाती है, जिससे किसानों को संतुलित पोषक तत्वों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

जिले में 10,463 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध
जिले के सभी विकासखंडों में सुपर फॉस्फेट और एनपीके उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। वर्तमान में जिले में 10,463 मीट्रिक टन यूरिया, 5,850 मीट्रिक टन सुपर फॉस्फेट तथा 6,721 मीट्रिक टन एनपीके का भंडारण उपलब्ध है। कृषि विभाग ने किसानों से आग्रह है कि वे केवल यूरिया पर निर्भर न रहें, बल्कि संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाकर फॉस्फेटिक उर्वरकों का भी उपयोग करें। इससे फसल की वृद्धि और उत्पादन में वृद्धि होती है।

खरीफ सीजन: जिले में 90 प्रतिशत बोवनी
मानसूनी बारिश से गुरुवार दिन में राहत रही, आसमान पर बादल छाये रहे, लेकिन देर शाम बौछार के रूप में हल्की बारिश दर्ज की गई। कृषि विभाग के अनुसार खरीफ सीजन के दौरान 90 प्रतिशत बोवनी हो चुकी हैं। सभी विकासखंडों में अच्छी बारिश के चलते हरियाली छाने लगी हैं। रिंगनिया आदि गांवों में कुछ किसानों को अधिक बारिश के कारण सोयाबीन की फसल खराब होने से दूसरी व तीसरी बार भी बोवनी करना पड़ रही हैं।

जिले में अब तक 228.38 मिमी औसत वर्षा दर्ज
भू-अभिलेख शाखा से मिली जानकारी नुसार जिले में इस वर्ष अब तक औसतन 228.38 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। जबकि पिछले 24 घन्टों में जिले में 3 मिमी वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है। पिछले 24 घन्टों में आलोट में 0.00 मि.मी., जावरा में 1.0 मि.मी., ताल में 0.0 मि.मी., पिपलौदा में 8.0 मि.मी., बाजना में 3.0 मि.मी., रतलाम में 4.0 मि.मी., रावटी में 4.0 मि.मी. एवं सैलाना में 4.0 मि.मी., वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है।

एक जून से आज तक की वर्षा
1 जून से अब तक वर्षामापक केन्द्र आलोट में 281.0 मि.मी., जावरा में 217.0 मि.मी., ताल में 196.0 मि.मी., पिपलोदा में 264.0 मि.मी., बाजना में 154.0 मि.मी., रतलाम में 329.0 मि.मी., रावटी में 174.0 मि.मी. एवं सैलाना में 212.0 मि.मी., वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है।