
मंगलवार दोपहर से रात तक झमाझम, शहर के नाले उफने, आवागमन बाधित, अधिकतम तापमान में गिरावट।
रतलाम. मानसून की सक्रियता से रतलाम शहर मंगलवार को दोपहर से रात तक झमाझम वर्षा से जमकर भीगा। आकाशीय गरज-चमक के साथ हुई तेज बारिश ने शहर के नालों को उफान पर ला दिया, जिससे कई मुख्य सडक़ों पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
शहर के निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को खासी परेशानी हुई। पानी के तेज वेग के कारण दुपहिया वाहन चालक फिसलते और उनके वाहन बंद होते दिखे, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ा।
दोपहर बाद रतलाम में 23 मिमी वर्षा
पिछले 24 घंटे में मंगलवार सुबह आठ बजे तक जिले की औसत वर्षा 34 मिमी दर्ज की गई। रतलाम में सर्वाधिक 70 मिमी (लगभग चार इंच) बारिश रेकॉर्ड की गई, जो पूरे दिन की सबसे अधिक वर्षा थी। सुबह से शाम पांच बजे तक रतलाम में 23 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जिसके बाद देर रात तक रिमझिम और तेज बारिश का दौर जारी रहा।
जिले की औसत वर्षा 8 इंच के करीब
जावरा-पिपलौदा में दो इंच और रावटी-सैलाना में एक-एक इंच से अधिक वर्षा हुई। इस वर्षा के साथ जिले की कुल औसत वर्षा 169.75 मिमी हो चुकी है, जबकि पिछले साल इसी दिनांक तक यह आंकड़ा 336.88 मिमी था, जो इस वर्ष कम है। लगातार वर्षा के कारण अधिकतम तापमान में पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे पारा 30.2 डिग्री सेल्सियस पर आ गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली। रात का न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
यहां जल जमाव से लोग होते रहे परेशान
जवाहर नगर से पीएंडटी कॉलोनी के मध्य गोमदड़े की पुलिया पर घुटने-घुटने पानी होने कारण वाहन चालकों के साथ पैदल राहगीर भी परेशान होते नजर आए। रात में 20 मिनट की बारिश में जवाहर नगर के नीचले घरों में पानी भर जाने से लोग परेशान होते रहे। डाट की पुलिया से दो बत्ती, न्यू रोड, सैलाना बस स्टैंड, नोलाईपुरा, घास बाजार से कलाईगर रोड आदि प्रमुख मार्गो से बहते पानी के दौरान लोग परेशान होते रहे।
मुक्तिधाम के पीछे खुला नाला उफना, विद्यार्थी परिजन परेशान
जवाहर नगर मुक्तिधाम के पीछे का खुला नाला तेज बारिश के दौरान उफान पर आ गया। घुटने तक तेज बहाव से बहते पानी के दौरान स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर खतरा मंडराता नजर आया। शहर के विनोबा नगर-जवाहर नगर, मुक्तिधाम मार्ग के साथ यहां दो निजी स्कूल भी संचालित होते हैं। जहां के बच्चे और परिजन यहां से आवागमन करते हैं। यह क्षेत्र रेलवे स्टेशन जाने का भी प्रमुख मार्ग है। ऐसे में यदि समय रहते नाले को ढकने, सुरक्षा रेलिंग लगाने एवं आवश्यक चेतावनी संकेत लगाने की व्यवस्था नहीं की गई, तो भविष्य में किसी भी समय बड़ी जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
विकासखंड सुबह 8 बजे तक कुल मिमी में पिछले साल
आलोट 09 197 193
जावरा 51 169 371
ताल 08 126 141
पिपलौदा 56 222 380
बाजना 12 82 242
रतलाम 70 269 330
रावटी 34 104 483
सैलाना 35 189 555
Updated on:
07 Jul 2026 10:53 pm
Published on:
07 Jul 2026 10:49 pm
