प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना: जाने क्यों विधायक पांडेय हुए अधिकारियों पर नाराज
रतलाम। प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना के शुभारंभ पर खाली कुर्सियां देख भाजपा के विधायक नाराज हो गए। वे श्रम विभाग के अफसरों पर भड़क उठे और योजनाओं के क्रियान्वयन पर भेदभाव का आरोप लगाकर चेतावनी भी दे दी। हालांकि अफसरों ने प्रचार-प्रसार करने की बात कही, लेकिन लोगों की कम मौजूदगी ने सवाल उठा दिए है।
शहर के गुलाब चक्कर परिसर में मंगलवार को प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना का शुभारंभ किया गया। गुजरात से पीएम के भाषण के सीधे प्रसारण को देखने और सुनने के लिए परिसर में कुर्सियां लगाई गई, लेकिन निर्धारित समय तक ज्यादातर कुर्सियां खाली रह गई। सुबह करीब ११.३० बजे शुभारंभ अवसर पर बतौर अतिथि पहुंचे जावरा के भाजपा विधायक डॉ. राजेन्द्र पांडेय ने कुर्सियां खाली देखीं तो नाराज हो गए। वे करीब १५ मिनट तक लोगों का इंतजार करते रहे, लेकिन इस दौरान भी परिसर खाली ही रहा तो श्रम विभाग के अफसरों को तलब किया। श्रम पदाधिकारी तो कार्यक्रम में आए ही नहीं। उनके स्थान पर पहुंचे सहायक श्रम पदाधिकारी ने विधायक के सवालों का जवाब दिया।
प्र्रभारियों के भरोसे छोड़ दिया शुभारंभ
योजना के शुभारंभ समारोह के दौरान जिला श्रम पदाधिकारी केके गुप्ता नहीं दिखाई दिए। उन्होंने अपने सहायक श्रम पदाधिकारी एवं कर्मचारियों को भेज दिया। इस कार्यक्रम में कलेक्टर रुचिका चौहान को आमंत्रित किया गया था, लेकिन स्वास्थ्य खराब होने से कलेक्टर के स्थान पर एडीएम जितेंद्रसिंह चौहान पहुंचे, वे भी देरी से कार्यक्रम में आए।
महज २० को किया जा सका मानधन कार्ड का वितरण
इस मौके पर करीब 20 लोगों को प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना के कार्डों का वितरण किया गया। योजना के तहत 15 फरवरी से अब तक करीब एक हजार लोगों ने अंशदान जमाकर योजना के सहभागी बने हैं, लेकिन शुभारंभ पर यह आंकड़ा सौ तक भी नहीं पहुंच पाया। अहमदाबाद में पीएम नरेद्र मोदी के योजना के शुभारंभ अवसर पर दिए भाषण का सीधा प्रसारण दिखाने की व्यवस्था की गई थी, फिर भी लोग नहीं आए।
भेदभाव बर्दाश्त नहीं करेंगे
प्रदेश की कमलनाथ सरकार के विभिन्न विभागों के जिम्मेदार अधिकारी इस कार्यक्रम से नदारद रहे व कुछ अधिकारी काफी देरी से पहुंचे। योजना के प्रचार प्रसार के अभाव में असंगठित क्षेत्र के मजदूर भी नहीं आ पाए। क्रियान्वयन में अधिकारियों के इस प्रकार के भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, बड़े अधिकारी किसी दबाव में कार्यक्रम में नहीं आए।
- डॉ. राजेन्द्र पांडेय, विधायक जावरा
हमने सभी को आमंत्रित किया
हमने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों को शुभारंभ अवसर पर आमंत्रित किया था। असंगठित क्षेत्र के हितग्राहियों को लाने की जिम्मेदारी श्रमिक संगठन के पदाधिकारियों को सौंपी थी। पीएम का धार में कार्यक्रम होने से यहां पर उपस्थित अपेक्षानुरूप नहीं रही।
- मुकेश शर्मा, नोडल अधिकारी, प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना, रतलाम
राज्य व केद्रीय विभागों में नहीं समन्वय
इस योजना को लेकर राज्य व केंद्रीय विभागों में समन्यवय का अभाव रहा। राज्य सरकार के श्रम विभाग ने इसमें रुचि नहीं दिखाई। अगर दोनों विभागों में समन्वय होता, लोगों को प्रॉपर तरीके से आमंत्रण पत्र देते व प्रचार प्रसार करते तो अच्छी भीड़ रहती।
- दिलीप मेहता, बीएमएस रतलाम