BIG BREAKING राहुल गांधी की सभा से पहले कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, 150 से ज्यादा इस्तीफे
रतलाम।राहुल गांधी की मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के पिपलियामंडी में 6 जून को होने वाली सभा के पहले ही पार्टी में बड़ा बवाल हो गया है। पार्टी द्वारा की गई एक नियुक्ति के बाद जिले के विधायक से लेकर पूर्व सांसद नाराज हो गए है। इसके बाद बड़ी संख्या में इनके समर्थकों ने इस्तीफे देने शुरू कर दिए है। पार्टी स्तर पर नाराज हुए कार्यकर्ताओं को मनाने का प्रयास शुरू हो गया है, लेकिन अब तक इस्तीफे वापस नहीं लिए गए है। कर्नाटक चुनाव के बाद मध्यप्रदेश में उम्मीद की निगाह से देख रही पार्टी को अपने ही कार्यकर्ताओं से बड़ा झटका मिला है।
ये है पूरा मामला
असल में कांगे्रस में समन्वय समिति में एक नेता को लिया गया। जिन नेता को लिया गया, आरोप है कि उन्होने लोकसभा चुनाव 2014 में पार्टी को हराने के लिए कार्य किया। बस जैसे ही समिति की घोषणा हुई व नेताजी का उसमे नाम आया, इसके बाद से ताबड़तोड़ एक के बाद एक त्यागपत्र की शुरुआत हो गई। इन इस्तीफे देने वालों से इतना फर्क नहीं पड़ता, लेकिन 150 में एक नाम एेसा है, जिसके इस्तीफे से भोपाल से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मच गया। वो नाम है अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की पूर्व संयुक्त सचिव व मंदसौर की पूर्व सांसद रही मीनाक्षी नटराजन का। राहुल गांधी व सोनीया गांधी की करीबी नटराजन के त्यागपत्र के बाद न सिर्फ मंदसौर जिले में बल्कि प्रदेश कांगे्रस लेकर राष्ट्रीय स्तर तक हड़कंप मच गया।
ताबड़तोड़ भेजा मनाने के लिए
जैसे ही त्यागपत्र का दौर चला व 150 तक जब इस्तीफा देने वालों की संख्या पहुंची तो ताबड़तोड़ प्रदेश सचिव संजय कपूर, कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी आदि को भेजा गया। कहने को इनको राहुल गांधी की 6 जून को होने वाली सभा को सफल बनाने व तैयारी करने आना था, लेकिन बंद कमरे में उन्होने वो सब बात की, जो नाराज हो गए कार्यकर्ताओं को मनाने के लिए जरूरी थी। बाद में मीडिया के सामने मीनाक्षी नटराजन सहित किसी भी बडे़ नेता ने इस मामले में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
इधर भाजपा की भी तैयारी
इधर भाजपा ने भी राहुल गांधी की सभा को फ्लाफ करने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी द्वारा मंदसौर, नीमच जिले में ये संदेश दिया गया है कि किसी भी स्थिति में दो हजार से अधिक लोग सभा में न पहुंचे। एेसे में अब कांग्रेस व भाजपा के लिए ये शक्ति दिखाने का समय आ गया है। इन सब के बीच फिलहाल तो 150 इस्तीफे हो गए है व अब पार्अी के सामने नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने की समस्या आ खड़ी हुई है।