रतलाम

RAILWAY का अब तक का सबसे बड़ा निर्णय, पढ़ कर खुश हो जाएंगे आप

RAILWAY का अब तक का सबसे बड़ा निर्णय, पढ़ कर खुश हो जाएंगे आप

3 min read
May 15, 2018
indian railway

रतलाम। अब तक रेलवे में बगैर टिकट पाए जाने पर यात्रियों पर जुर्माना लगता था, लेकिन हाल ही में कोर्ट ने एेसा आदेश दिया है, जिसको पढ़कर आप खुश हो जाएंगे। चलती ट्रेन में चढऩे या उतरने के दौरान घायल होते यात्री आपने अनेक बार देखे होंगे, लेकिन इस मामले में रेलवे यात्रियों की गलती बताकर पल्ला झाड़ती रही है। अब एेसा नहीं हो सकेगा। कोर्ट ने यात्रियों के लिए जो निर्णय दिया है, उससे रेलवे को मजबूर होकर अब बगैर टिकट यात्रियों से रुपए वसूलने के बजाए उल्टे उनको रुपए देना होंगे।

अब तक रेलवे में यात्रा के दौरान ट्रेन की दुर्घटना होने पर रेलवे घायल से लेकर मृतक को अलग-अलग मुआवजा देते आ रही है, लेकिन हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक मामले में फैसला देते हुए कहा है कि ट्रेन में चढऩे या उतरने के दौरान कोई यात्री घायल होता है तो वह भी मुआवजे का हकदार होगा। इतना ही नहीं कोर्ट के अनुसार कोई यात्री बगैर टिकट है तो सिर्फ इस आधार पर मुआवजा देने से इंकार नहीं किया जा सकता है कि वो बगैर टिकट यात्री था। कोर्ट के निर्णय के बाद अब रेलवे अपने मुआवजे के निर्णय में बदलाव करने वाली है।

ये भी पढ़ें

shani jayanti 2018 मंगल के दिन शनि जयंती, करें एेसे उपाय, होगा बड़ा लाभ

ये बोला है कोर्ट ने

कोर्ट ने कहा कि ट्रेन में चढ़ते या उतरते समय किसी यात्री की मौत या उसका घायल होना सिर्फ अप्रिय घटना नहीं है। एेसे मामलों में यात्री को मुआवजा पाने का हकदार है। ये रेलवे की लापरवाही मानी जाएगी। इतना ही नहीं रेलवे ने ये भी कहा कि सिर्फ टिकट नहीं होने मात्र से कि वो रेलवे का यात्री नहीं है, मुआवजा देने से इंकार नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल और न्यामूर्ति रोहिंनटन एफ नरीमन की पीठ ने यह निर्णय 2002 में लगी एक याचिका के मामले में निर्णय देते हुए कहा है।

ये मिलता है फिलहाल मुआवजा

वर्ष 2017 में तत्कालीन रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने मुआवजा के नियम में बड़ा बदलाव कर दिया था। अब घायल होने पर 4 लाख रुपए व मृतक को 8 लाख या इससे अधिक तक देने का प्रावधान किया गया है। इसके पूर्व ये राशि घायल होने पर डेढ़ लाख रुपए व मृतक को दो लाख रुपए तक दिए जाते थे। अब कोर्ट के निर्णय के बाद रेलवे अपने नियम में बदलाव करने जा रही है।

कोर्ट का आदेश माना जाता

कोर्ट का आदेश वरिष्ठ कार्यालय पहुंचेगा। वहां से इस मामले में निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद ही इस बारे में कहा जाएगा।

- जेके जयंत, जनसंपर्क अधिकारी, रतलाम रेल मंडल

ये भी पढ़ें

आपके बालों से जुड़ा है आपकी सफलता का राज, जानें बालों का किस्मत से कनेक्शन, यहां पढे़ं पूरी खबर
Published on:
15 May 2018 06:01 am
Also Read
View All