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shani jayanti 2018 मंगल के दिन शनि जयंती, करें एेसे उपाय, होगा बड़ा लाभ

shani jayanti 2018 मंगल के दिन शनि जयंती, करें एेसे उपाय, होगा बड़ा लाभ

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shani jayanti 2018 date time muhurat and puja vidhi

shani jayanti 2018 date time muhurat and puja vidhi

रतलाम। इस बार मंगलवार के दिन शनि जयंती का महापर्व आ रहा है। भगवान शनि को भारतीय ज्योतिष में न्याय का देवता कहा गया है। मंगलवार के दिन शनि जयंती होने से इसका महत्व बढ़ गया है। वे लोग जो मंगल या शनि ग्रह से पीडि़त है उनको छोटा टोटका या उपाय भी बड़ा लाभ देगा। ये बात रतलाम राज परिवार के पूर्व ज्योतिषी अभिषेक जोशी ने कही। वे शनि जयंती व इसका महत्व विषय पर बोल रहे थे।

ज्योतिषी जोशी ने बताया कि भारतीय पंचाग अनुसार ज्येष्ठ मास की कृष्णपक्ष की अमावस्या को शनि जयंती का पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष ये जयंती 15 मई को आ रही है। कुंडली में शनि की साढे़साती हो या मंगल-शनि का आपस में राशि परिवर्तन हो, व्यक्ति परेशान होता है। एेसे में कुछ छोटे उपाय करने से बडे़ लाभ होते है। शनि व्यक्ति के न सिर्फ मन को अशांत करते है, बल्कि बाल सफेद करना, स्वास्थ्य खराब करना, धन की कमी करना, जॉब ले जाना आदि परेशानी का सामना कराता है।

ये करें आसान उपाय

ज्योतिषी जोशी ने बताया कि संदुरकांड का पाठ, हनुमान चालिसा का पाठ, काले घोडे़ की नाल की अंगूठी या नाव के कील की अंगूठी पहनने से साढे़साती में लाभ देता है। इसके अलावा शनिवार का व्रत, शनिवार को दान करने से लाभ होता है। शनि से जुड़ी वस्तुएं जैसे काली उड़द, तिल, लौहा, काले कपडे़ आदि के दान से लाभ होता है। इतना ही नहीं, शनि सहस्त्रनाम का पाठ, शनि यंत्र की पूजा, प्रतिदिन पीपल में जल अर्पित करने से शनि का क्रोध समाप्त होता है।

ये नाम के जप से होता लाभ

शनि जयंती के दिन शनिदेव का पूजन करें व इसके साथ कोणस्थ, पिंगल, बभ्रु, कृष्ण, रौद्रान्तक, यम, सौरि, शनैश्चर, मंद व पिप्पलाद, इन नाम का जप करें। एक कांसे की कटोरी में तिल का तेल भर कर उसमें अपना मुख देख कर और काले कपड़े में काले उड़द, सवा किलो अनाज, दो लड्डू, फल, काला कोयला और लोहे की कील रख कर डाकोत (शनि का दान लेने वाला) को दान कर दें। इसके अलावा भगवान हनुमान जी को चमेली या सरसो जो उपलब्ध हो तेल का दीपक शाम को लगाएं।

काला धागा भी करेगा एेसे फायदा

शनिवार के दिन श्रवण नक्षत्र में या शनि जयंती के दिन किसी योग्य विद्वान से अभिमंत्रित करवा कर काले धागे में बांधकर गले या बाजू में धारण करें। सूर्योदय से पूर्व पीपल की पूजा करें और पीपल के पेड़ पर तेल में लोहे की कील डालकर चढ़ाएं, रविवार को छोड़कर शनिदेव की मूर्ति पर 43 दिन तक लगातार तेल चढाएं, बंदरों और कुतों को गुड़ और काले चने खिलाएं साथ ही शनिदेव पर भी तेल के साथ काले तिल आर्पित करें।

भक्तिभाव के साथ मनेगी शनि जयंती

न्याय के देवता सूर्य पुत्र शनिदेव की जयंती मंगलवार भक्तिभाव के साथ रतलाम में मनाई जाएगी। शहर के शनि मंदिरों पर सुबह देव का अभिषेक किया जाकर हवन होगा, शाम को महाआरती आरती के बाद महाप्रसादी का वितरण किया जाएगा। प्राचीन शनि मंदिर चिंगीपुरा में सुबह लेकर शाम तक भक्तों की भीड़ उमड़ेंगी, तो अलकापुरी, अमृतसागर तालाब की पाल, महेश नगर, गांधीनगर, सज्जनमिल के अंदर, डोंगरे नगर आदि स्थानों पर सुबह से शाम तक अनेक धार्मिक अनुष्ष्ठान के साथ दान-पुण्य का कार्य भक्तों द्वारा किया जाएगा।

यहां होगा तेल से अभिषेक

डोंगरे नगर स्थित शनि मंदिर पर सुबह तेल अभिषेक एवं हवन किया जाएगा। पुजारी दिनेश जोशी ने बताया कि शाम 7.30 बजे मंदिर पर महाआरती की जाएगी। इसके बाद भंडारा प्रसादी का आयोजन होगा। जिसमें बड़ी संख्या में शामिल भक्त प्रसादी का धर्मलाभ लेंगे। मंदिर समिति के सुखदेवसिंह, राजु टांक, सुशील ओझा, हितेश जैन, आशीष मालवीय, सुरेंद्रसिंह राणावत ने श्रद्धालुओं से धर्मलाभ लेने का आग्रह किया है।

सुबह हवन शाम को आरती होगी


सुर्यमुखी शनिदेव मंदिर सज्जनमिल के अंदर चाल अम्बे माता मंदिर परिसर में शनि जयंंती भक्तिभाव के साथ मनाई जाएगी। पं.किशोर ने बताया कि सुबह 9 बजे शनिदेव का तेलाभिषेक किया जाएगा। सुबह 11 बजे हवन होगा। मंदिर पर शाम 7 बजे से महाआरती एवं आरती के बाद प्रसादी का वितरण किया जाएगा।