
रतलाम। रतलाम के कुलदीप त्रिवेदी ने की ऐसी अनूठी आरती की कि उनका पूरे देश में चर्चा हो रही हैं। धारनाथ भगवान की राजसी सवारी में चलित रथ पर अनूठा आरती कर रतलाम के कुलदीप गुरु ने विश्व रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कर लिया हैं। इस दौरान 21 किलो चांदी से सजा बाबा महाकाल का विग्रह भी आकर्षण का केंद्र रहा।
बाबा धारनाथ भगवान की राजसी (छबीना) सवारी के अवसर पर धार नगर में आदेश आरती मंडल की ओर से विशेष आरती का आयोजन रखा गया। दोपहर 4 बजे से आयोजित इस धार्मिक आयोजन में बाबा महाकाल के विग्रह की सवारी निकाली गई, जिसे 21 किलो चांदी से विशेष रूप से श्रृंगारित किया गया था।
लंदन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड
आयोजन का प्रमुख आकर्षण राष्ट्रपति पदक प्राप्त पं. कुलदीप गुरु रतलामवाले ने चलित रथ पर की गई 9 घंटे 11 मिनट की अखंड एकल आरती रही। आयोजकों के अनुसार इस अनूठी आरती को लंदन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। इस दौरान लंदन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड की जूरी भी मौके पर मौजूद रही।
11 किलो कपूर और 5 किलो घी से हुई आरती
आरती के दौरान लगभग 11 किलो कपूर और 5 किलो घी का उपयोग किया गया। पं. कुलदीप गुरु ने विभिन्न स्वरूपों एवं विधियों से आरती उतारी। लंबे समय तक चली एकल अखंड आरती को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन का विभिन्न चैनलों के माध्यम से लाइव प्रसारण भी किया गया, जिसे देशभर में श्रद्धालुओं ने देखा।
अगला संकल्प 11 घंटे 21 मिनट की आरती का
आदेश आरती मंडल के संचालक भावेश राठौर ने बताया कि पं. कुलदीप गुरु का अगला संकल्प 11 घंटे 21 मिनट की एकल अखंड आरती करने का है। इसके माध्यम से आध्यात्मिक क्षेत्र में एक और विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा तथा गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने का लक्ष्य रखा गया है।
सार्वजनिक मंच पर हुआ सम्मान
आरती पूर्ण होने के पश्चात धान मंडी स्थित श्रीविजय हनुमान मंदिर चौराहे पर नागरिकों की ओर से सार्वजनिक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। यहां आदेश आरती मंडल एवं पं. कुलदीप गुरु का सम्मान किया गया तथा लंदन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड की जूरी की उपस्थिति में रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर गायक कीर्ति शुक्ला, राहुल सिंह राठौड़, मयंक शुक्ला, सौरभ सोनी, कथावाचक रवि गुरु, सुजल राठौड़ सहित महाकाल भक्त मंडल के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।