रतलाम

खेल में विजय होना श्रेष्ठ, लेकिन हार कर विजय होना सर्वश्रेष्ठ

हार कर जो उसने अपनी कमजोरियों को दूर किया और विजय बने यह सर्वश्रेष्ठ है।

2 min read
Jun 23, 2019
ratlam sports latest hindi news

रतलाम। अधिकतर खेलों में विजय होने वाला बहुत ही अधिक खुश होता है और होना भी चाहिए, लेकिन कोई टीम हार कर अगर फिर विजय होती है तो यह विजय हार से भी सर्वश्रेष्ठ होती है, क्योंकि हार कर जो उसने अपनी कमजोरियों को दूर किया और विजय बने यह सर्वश्रेष्ठ है। प्रशिक्षण शिविर में खिलाड़ी अपनी कमजोरी दूर करता है तथा नई नई तकनीक सिख कर विजय लक्ष्य प्राप्त करता है।

जिला वालीबाल संघ के सचिव प्रकाश चंद्र व्यास ने बताया कि ये बात नगर एवं जिला वालीबॉल संघ द्वारा आयोजित 60 दिवसीय ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर का समापन अवसर पर शनिवार रेलवे वालीबाल खेल मैदान पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी अनोखीलाल कटारिया ने व्यक्त किए। कार्यक्रम के अध्यक्ष वेस्टर्न रेलवे एंप्लाइज यूनियन के मंडल मंत्री श्यामबाबू श्रीवास्तव ने कहा कि वालीबाल ने रतलाम जिले में ही नहीं प्रदेश में अपनी पहचान बनाई है जिसका संपूर्ण श्रेय यहां के कोच और पदाधिकारियों को जाता है जो लगातार पिछले 25 वर्षों से इस खेल से जुड़े हुए हैं। इसके लिए रेल प्रशासन ने सर्वसुविधा युक्त खेल मैदान उपलब्ध कराया है, जिससे बच्चे प्रतिदिन अभ्यास कर रहे हैं। आयोजन में विशेष अतिथि जिला वालीवाल संघ के अध्यक्ष मुबारिक खान, चेयरमैन भगतसिंह भदोरिया ने भी संबोधित किया।


इनका हुआ सम्मान

इस अवसर पर राष्ट्रीय खिलाड़ी एजाज खान, रोहित देशबंधु, कोच कमलजीत सिंह, अमित मोगरा, अभिषेक सेठिया, ओंकार कोसे, सुरेश गयादिन, डीके दास, सहित 100 प्रशिक्षणार्थियों को मेडल एवं सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया गया। समापन अवसर के दौरान रतलाम, पीपलोदा, मंदसौर बालक बालिका वर्ग की टीमों के मध्य मुकाबला खेला गया। जिसमें बालिका वर्ग में मंदसौर विजेता, रतलाम उपविजेता, बालक वर्ग में रतलाम विजेता, पिपलोदा उपविजेता रहा। इस अवसर पर पूर्व वालीबॉल खिलाड़ी रखबचंद्र गांधी, विपिन त्रिवेदी, गोपाल दशोत्तर, आदि उपस्थित थे।

Published on:
23 Jun 2019 06:20 pm
Also Read
View All