आपके बालों से जुड़ा है आपकी सफलता का राज, जानें बालों का किस्मत से कनेक्शन, यहां पढे़ं पूरी खबर
रतलाम। ये तो आपने बचपन से सुना होगा कि शनिवार, मंगलवार व गुरुवार को बाल नहीं काटवाना चाहिए। ये आजतक किसी को नहीं पता एेसा क्यों कहा जाता है। भारतीय ज्योतिष में वैज्ञनिक समाधान के साथ इस बारे में विस्तार से बताया गया है। ये बात रतलाम के पूर्व राज परिवार के ज्योतिषी अभिषेक जोशी ने नक्षत्रलोक में अंतरिक्ष विज्ञान व भारतीय ज्योतिष में बाल का महत्व विषय पर भक्तों को कही।
ज्योतिषी जोशी ने कहा कि विज्ञान में सप्ताह में कुछ दिन एेसे बताए गए हैं, जब ग्रहों से कुछ किरणें इस प्रकार की निकलती है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती है। शनिवार, मंगलवार व गुरुवार को निकलने वाली इन किरणों का सीधा प्रभाव हमारे मन व मस्तक पर होता है। ललाट से लेकर शिखा तक का क्षेत्र अतिसंवेदनशील होता है। इसकी सुरक्षा बालों से होती है। ये ही वो कारण है कि इन वार के दिन बाल नहीं कटवाना चाहिए।
ये होता है नुकसान इन दिनों बाल कटवाने से
मंगलवार के दिन बाल कटाने से हमारी आयु आठ माह कम होती है। गुरुवार के दिन देवी लक्ष्मी धन की कमी करती है, क्योकि ये दिन लक्ष्मी के पति भगवान विष्णु का होता है। शनिवार न्याय कर दिन होता है। इस दिन बाल कटाने से आयु सात माह कम होती है। मंगलवार को भगवान हनुमान के साथ-साथ मंगलग्रह का भी माना गया है। शरीर में मंगल का कार्य रक्त का संचार करना होता है। इसी प्रकार शनि का कार्य त्वचा की देखभाल करने का होता है। शनि जब विपरीत प्रभाव देता है तो त्वचा से जुड़े रोग होते है। ये सब न हो इसलिए इन वार के दिन बाल न कटवाने के लिए भारतीय ज्योतिष में कहा गया है।
बालों से जाने खुद का भविष्य व किस्मत को
अगर आपके बाल पतले है तो आप उत्तम स्वाभाव के व्यक्ति है। आप उदार, प्रेमी, संवेदनशील होने के साथ-साथ बेहतर हदय के व्यक्ति है। एेसे लोगों की किस्मत २४ वर्ष की उम्र में तेजी से बदलती है। अगर आपके बाल मोटे है तो ये जान ले की आपका जन्म चांदी की चम्मच लेकर हुआ है। अर्थात एेसे लोगों को कभी धन की कमी नहीं रहती है। उच्च जीवनशक्ति इनमे होती है। अगर आपके बाल हमेशा काले रहते है तो इसका मतलब है कि आपको कभी कोई गंभीर बीमारी नहीं होगी। एेसे लोग हमेशा कर्मठ व भरोसा करने वाले होते है। एेसे लोगों का बेहतर जीवन १६ वर्ष से लेकर १९ वर्ष की आयु के बीच शुरू हो जाता है। एेसे लोग जिनके बाल कम उम्र में सफेद होते है, वे मानसिक रुप से कमजोर होते है। एेसे लोग जीवन के ४२ वर्ष की उम्र तक संघर्ष करते है। जिनके बाल सीधे होते है व सरल व्यक्तित्व के लोग होते है। इनका बेहतर जीवन २५ वर्ष की उम्र से शुरू होता है। जिनके बाल लहराते हुए होते है वे विनम्र व सभ्य होते है। इनके अंदर दया की भावना होती है व विशेष प्रकार की कला होती है।
बालों से पता चलता है कितने गुण है आपमे
बालों से हमारे गुण के बारे में भी पता चलता है। तम, सत व रज गुण होते है। जितने लुंबे बाल होते है, उतने ही तेजी से ये बेहतर उर्जा ग्रहण करते है। इसलिए ही संत व महात्मा हमेशा लंबी दाड़ी, मूंछ या लंबे बाल रखते है। पूर्व के समय में गुरुकुल में चोटी रखवाई जाती थी। ताकि वे तीनों गुणों को सहन कर पाए। जब सिर में ध्वनि उर्जा की कमी होती है तब बाल छडऩे की शुरुआत होती है। बाल को झडऩे से रोकने के लिए गायत्री मंत्र का जप, सूर्य को प्रतिदिन जल चढ़ाना, विश्वामित्र ऋषि द्वारा रचित आदित्यह्दय स्त्रोत के पाठ से बाल झडऩा कम या बंद होते है।