
रतलाम. साड़ी क्लस्टर के लिए करमदी में 10 हेक्टेयर भूमि का चयन शहर के विकास की दिशा तय करने के लिए एक बड़ा कदम है। प्रक्रिया में आई तेजी और निर्माण के लिए तैयार हो रहे सरकारी कागजों से कारोबारियों में भी उत्साह है। माना जा रहा है इस कदम से शहर के तीन हजार लोगों को रोजगार मिलेगा, रतलाम की जीडीपी बढ़ने के नए रास्ते भी खुलेंगे।
दरअसल, गोल्ड काम्प्लैक्स की घोषणा के बाद से ही साड़ी क्लस्टर को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई थी। साड़ी कारोबारियों ने सरकार का हर जरूरी दरवाजा खटखटाया और यह विश्वास भी दिलाया कि रतलाम की पहचान और प्रसिद्धि के लिए यह एक उपयोगी निर्णय होगा। इसके बाद शहर व आसपास के क्षेत्र में भूमि की तलाश शुरू हो गई थी। व्यापारियों का मानना है जिस प्रकार सराफा व साड़ी बाजार पास-पास होने से ग्राहकों और व्यापारियों को दूर तक भटकना नहीं पड़ता, वैसे ही गोल्ड कॉम्प्लैक्स व साड़ी क्लस्टर पास-पास निर्मित होते, तो व्यापारिक प्रतिसाद और बेहतर होता।
फैक्ट फाइल
वर्तमान दुकानें - 1000 से अधिक
वर्तमान रोजगार - करीब 5000
सालाना कारोबार - करीब 100 करोड़
साड़ी क्लस्टर में संभावित दुकानें - करीब 250
नए लोगों को रोजगार की संभावना - 3000
आने वाले समय में कारोबार - 200 करोड़ से अधिक
रतलाम की जीडीपी में लगातार ग्रोथ
रतलाम का जीडीपी आंकड़ा बीते तीन साल से लगातार बढ़ रहा है। कारण है - जिले की औद्योगिक व व्यापारिक ग्रोथ बढ़ रही है। वर्ष 2021-22 में जिले की जीडीपी 10 लाख 36 हजार 048 करोड़ थी। जो लगातार बढ़ते हुए वर्ष 2023-24 में 13 लाख 87 हजार 117 करोड़ पहुंच गई है। तीन साल में साढ़े तीन लाख करोड़ की यह बढ़ोत्तरी रतलाम को बिजनेस हब बनाने की दिशा में बढ़ चुकी। अब दिल्ली-मुंबई कोरिडोर क्षेत्र में 14 हजार हेक्टेयर में औद्योगिक विकास, अल्कोहल प्लांट की 29 हेक्टेयर भूमि पर उद्योग विकसित होने के साथ साड़ी क्लस्टर आने वाले वर्षों में रतलाम की जीडीपी को दोगुना तक पहुंचा सकता है।
तीन साल की जीडीपी पर एक नजर
वर्ष जीडीपी -- ग्रोथ
21-22 10 लाख 36 हजार 048 करोड़ -----
22-23 11 लाख 57 हजार 049 करोड़ 1.21 लाख करोड़
23-24 13 लाख 87 हजार 117 करोड़ 2.30 लाख करोड़