
datia news (भाई ने की भाई की हत्या Photo Source- Patrika)
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स्पाट लाइट का लोगो रहेगा
रतलाम। शहर का प्रमुख अमृत सागर तालाब इन दिनों गंदगी और अव्यवस्थाओं का शिकार हो रहा है। तालाब के आसपास स्वच्छता व्यवस्था ठीक नहीं होने से यहां बड़ी मात्रा में कचरा जमा हो गया है। स्थिति यह है कि कुछ लोग कचरा निर्धारित स्थान पर डालने के बजाय सड़क किनारे ही फेंक रहे हैं। इससे तालाब क्षेत्र की सुंदरता प्रभावित होने के साथ ही राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि यह क्षेत्र अब डंपिंग स्टेशन जैसा दिखने लगा है।
श्रीगढ़ कैलाश मंदिर जाने में परेशानी
अमृत सागर तालाब शहर के प्रमुख जलस्रोतों और पर्यटन और धार्मिक स्थल में शामिल है। इसके आसपास सुबह-शाम बड़ी संख्या में लोग घूमने और समय बिताने पहुंचते हैं। ऐसे में सड़क किनारे जमा कचरे और उससे फैल रही दुर्गंध के कारण लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित सफाई और कचरा उठाने की व्यवस्था नहीं होने से समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। कचरे के ढेर में प्लास्टिक, पॉलीथिन, घरेलू अपशिष्ट सहित अन्य सामग्री दिखाई दे रही है। बारिश के दौरान यह कचरा बहकर तालाब में पहुंचने की आशंका भी बनी रहती है, जिससे जल प्रदूषण का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा यहां पर अतिप्राचीन श्रीगढ़ कैलाश मंदिर भी है। यहां श्रावण माह में हर दिन सैकड़ों की संख्या में भक्त जा रहे है, उनको भी परेशानी हो रही है।
कार्रवाई होना जरुरी
फोटो-आरटी-1408-कीर्ति शर्मा, शिक्षिका
यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो शहर की पहचान माने जाने वाले अमृत सागर तालाब की स्थिति और खराब हो सकती है। वर्तमान हालात को देखकर इसे अमृत सागर तालाब की जगह डंपिंग स्टेशन कहना ज्यादा उचित लग रहा है।
-कीर्ति शर्मा, शिक्षिका
इसको घोटाला विभाग कहो
फोटो-आरटी-1409-मयंक जाट, जिलाध्यक्ष, युका
नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग का नाम बदलकर घोटाला विभाग कर देना चाहिए। कागज में दस कर्मचारी दिखाते है और वार्ड में 5 लोग ही पहुंच रहे है। फर्जी हाजरी के नाम पर हर माह की बंदी चल रही है। प्राचीन अमृत सागर तालाब के नाम को बदनाम कर दिया है।
-मयंक जाट, जिलाध्यक्ष, युका
छोटे वाहन गलियों में नहीं जा पाते
फोटो-आरटीञ1410-राजेंद्रसिंह, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम
शहर की गलियों में कचरा संग्रहण वाहन नहीं जा पाता है। इसके लिए अलग से छोटे वाहन चलते है। इन वाहनों में एकत्रित कचरा ही दोपहर 2 बजे तक अमृत सागर के करीब खाली भूमि पर डाला जा रहा है। इस कचरे को शाम तक बडे़ वाहनों से जुलवानियां भेज दिया जाता है।
-राजेंद्रसिंह, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम
Updated on:
14 Aug 2026 06:01 am
Published on:
14 Aug 2026 06:01 am
