
रतलाम. भारतीय स्टेट बैंक याने की एसबीआई ने अपने उपभोक्ताओं को एक और सौगात दी है। टच एंड पे मशीन की सुविधा के बाद पीओएस मोपेड मशीन को लांच किया है। इस मशीन की विशेषता यह है कि उपभोक्ता घर पर बैठकर ही अपने बैंक स्टेटमैंट को देख सकता है। इसके अलावा कारोबारी को लाभ यह है कि वह जो भी भुगतान लेगा, उसकी रसीद उपभोक्ता के लिए जारी होगी।
बैंक के अधिकारियों ने बताया कि इस मशीन को तीन प्रकार से जारी किया गया है। पहली मशीन पीएसटीएन याने की लैंडलाइन से जोड़कर चलेगी। उपभोक्ता के लिए नि:शुल्क रुप से जारी होने वाली इस मशीन के उपयोग के लिए बैंक खाते में न्यूनतम रुपए होना आवश्यक नहीं है। जबकि दो अन्य क्रमश: डीजीपीआरएस मशीन डेस्कटॉप से जुड़ी रहेगी। इस मशीन के उपयोग पर कम से कम 20 हजार रुपए तीन माह तक उपयोगकर्ता के खाते में जमा रहना चाहिए। पीजीपीआरएस यानि कि पोर्टेबल मशीन भी जारी की है। इस मशीन के उपयोग के लिए 10 हजार रुपए बैंक खाते में तीन माह तक होना चाहिए।
यह है पीओएस मोपेड मशीन
आमतौर पर आजकर अधिकांश पेमेंट मोबाइल एप से ही होते है। इस भुगतान की रसीद उपभोक्ता को नहीं मिलती है। अब तक मोबाइल से किसी प्रकार का भुगतान हो तो चार डिजिट का कोड, क्यूआर कोड की जरुरत होती थी। इस कोड को लेने के लिए इस सेवा को देने वाली कंपनी का मोबाइल एप होना जरूरी होता था। अब इस मशीन में एक ही क्यूआर कोड से हर प्रकार के भुगतान हो सकेंगे। इसके अलावा उपभोक्ता को किए गए भुगतान की रसीद भी मिलेगी। इतना ही नहीं कारोबारी को भी पूरे दिन का स्टेटमैंट मिल सकेगा। इससे कारोबार का हिसाब किताब मिलाने में परेशानी दूर होगी। भुगतान प्राप्त होने की त्वारित जानकारी उपभोक्ता और मर्चेंट दोनों को मिलेगी।
ऐसे हो सकेगा भुगतान
- डेबिट या के्रडिट कार्ड से।
- यूपीआई मोबाइल एप से।
- भारत क्यूआर मोबाइल एप से।
- योनो मोबाइल एप से।
यह है इसकी विशेषता
- मोबाइल से भुगतान होने पर उपभोक्ता को रसीद मिलेगी।
- स्टेटमैंट जारी करेगी।
- मोबाइल एप या क्यूआर कोड आदि का झंझट समाप्त होगा।
तरह तरह के एप की जरुरत भी नहीं
पीओएस मोपेड मशीन से उपभोक्ता से लेकर कारोबारी दोनों को कई तरह के लाभ है। मशीन नि:शुल्क दे रहे है। इसके उपयोग के लिए तरह तरह के एप की जरुरत भी नहीं है। बेहतर यह है कि उपभोक्ता को खाते को पूरा स्टेटमैंट रसीद के रुप में मिलेगा।
- एसपी अग्रवाल, ग्राहक चैनल प्रबंधक, एसबीआई क्षेत्रीय कार्यालय