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रतलाम में नवरात्र, ब्रह्ममुहूर्त में शंखनाद से रात तक गरबारास की धूम

घट स्थापना के साथ कलश में दीप जलाकर भक्तिमय भजनों के बीच गरबारास का आगाज। सुबह से देर रात तक पूरा शहर जय माता दी के जयकारों से गूंजता रहा।
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Navratri Shailaputri Brahmacharini news

घट स्थापना के साथ कलश में दीप जलाकर भक्तिमय भजनों के बीच गरबारास का आगाज। सुबह से देर रात तक पूरा शहर जय माता दी के जयकारों से गूंजता रहा।

रतलाम. शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन ब्रह्ममुहूर्त में शंखनाद, घंटियों की गूंज और मां के जयकारों मां कालिका धाम गूंज उठा। श्रद्धा का सैलाब उमड़ा तो शहर के मंदिरों और गरबा पंडालों में भी आस्था का रंग चढऩे लगा। हाथों में पूजा की थाली, कमल फूल और अखंड ज्योत लिए श्रद्धालु माता के दरबार पहुंचे। कहीं विधि-विधान से घट स्थापना हुई तो कहीं दीपों की रोशनी और भक्तिमय भजनों के बीच गरबारास का आगाज हुआ। सुबह से देर रात तक पूरा शहर जय माता दी के जयकारों से गूंजता रहा।

शारदीय नवरात्र के पहले दिन पूरा शहर भक्तिरस में डूब गया। ब्रह्ममुहूर्त में मां कालिका धाम जयकारों से गूंज उठा। घट स्थापना के साथ घरों, मंदिरों और गरबा पंडालों में मां दुर्गा की आराधना शुरू हुई। सुबह से देर रात तक मंदिरों में भक्तों की आवाजाही बनी रही। श्रद्धालु कमल के फूल, पूजन सामग्री और प्रसाद लेकर माता के दरबार में पहुंचे और शीश नवाकर सुख-समृद्धि की प्रार्थना कर व्रत-उपवास का संकल्प धारण कर किया।

दर्शनार्थ लगी भक्तों की कतार
मां कालिका मंदिर में ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। मातृशक्ति और पुरुष श्रद्धालु अलग-अलग कतारों में दर्शन के लिए आगे बढ़ते रहे। कई श्रद्धालु नंगे पैर माता के दरबार पहुंचे। घट स्थापना के साथ गरबा आराधना का भी शुभारंभ हुआ। भक्तिमय भजनों के बीच दीपक और कलश लेकर मातृशक्ति ने परंपरानुसार गरबारास किया। ब्रह्ममुहूर्त में गरबा विश्राम के बाद सुबह 6 बजे पुजारी प्रकाश ने माता की आरती की। रामद्वारा के महंत पुष्पराज ने भी माता के दर्शन-वंदन कर आरती की। पहले ही दिन मंदिर परिसर में मेले जैसा माहौल नजर आया।

बैलगाड़ी-ट्रैक्टर आई मां, लाए अखंड ज्योत
नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालु शुभ मुहूर्त में छोटी-बड़ी प्रतिमाएं लेकर विभिन्न क्षेत्रों से निकले। गांधी नगर, राम मंदिर, बाजना बस स्टैंड, पोलोग्राउंड और बरबड़ सहित कई स्थानों से प्रतिमाओं को पूजन के बाद पंडालों तक पहुंचाया गया। वहां विधि-विधान से स्थापना कर जयकारे लगाए गए। कई श्रद्धालु मां कालिका, गढख़ंखाई और कंवलका माता मंदिरों से अखंड ज्योत लेकर पहुंचे। अलकापुरी स्थित अंबे चौक पर गढख़ंखाई माता मंदिर से लाई गई ज्योत का क्षेत्रवासियों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। पूजन-वंदन के बाद ज्योत को मंदिर में स्थापित किया गया।

महालक्ष्मी मंदिर में नौ दिवसीय हवन शुरू
माणकचौक स्थित प्राचीन महालक्ष्मी मंदिर में विराजित अष्ट महालक्ष्मी के समक्ष नवरात्र के नौ दिनों तक हवन होगा। पुजारी अश्विन के अनुसार, दोनों समय आरती के बाद प्रसादी वितरित की जाएगी।

शहरभर में नौ रात गूंजेगा गरबारास
मां कालिका मंदिर में सुबह-शाम गरबारास होगा। इसके अलावा स्टेशन रोड, गीता मंदिर रोड, रेलवे कॉलोनी, गांधी नगर, जवाहर नगर, अलकापुरी, इंद्रलोक नगर, नयागांव, कस्तूरबा नगर, इंदिरा नगर, पीएंडटी कॉलोनी, मुखर्जी नगर, डोंगरे नगर, टाटानगर, दीनदयाल नगर, बाजना बस स्टैंड, गोशाला रोड और तोपखाना सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों में गरबा आयोजन होंगे। नवरात्र के नौ दिनों तक शहर में भक्ति, आराधना और गरबा उत्सव की धूम रहेगी।