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रतलाम में देवस्थानों की 4622 हेक्टेयर जमीन की खुलेगी कुंडली

कलेक्टर के आदेश में सर्वोच्च न्यायालय के 6 सितंबर 2021 के निर्णय का हवाला देते हुए स्पष्ट किया गया है कि मंदिर से संबद्ध भूमि के स्वामी अधिष्ठाता देवता होते हैं। केवल पुजारी होने से किसी व्यक्ति का देवस्थान भूमि पर निजी स्वामित्व या भूमिस्वामी अधिकार नहीं बनता।
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Temple lands Ratlam ancient temples

1,780 देवस्थानों की जमीन का खसरा-बी1, नक्शे और पंजी से होगा मिलान, गड़बड़ी मिली तो तत्काल रिपोर्ट

रतलाम. जिले के शासन प्रबंधित देवस्थानों की हजारों हेक्टेयर जमीन अब राजस्व रिकॉर्ड की जांच के दायरे में होगी। तहसील स्तर पर खसरा, बी-1, नक्शे, पुराने रिकॉर्ड, देवस्थान पंजी और शासन की सूची का मिलान कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाएगी। कलेक्टर अजय कटेसरिया ने 1,780 देवस्थानों की 4,622.02 हेक्टेयर भूमि का अभिलेखों से मिलान कराने के निर्देश दिए हैं।

आदेश के बाद एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को देवस्थान भूमि के रिकॉर्ड का सत्यापन करना होगा। जांच में देवता अथवा देवस्थान का नाम, वर्तमान राजस्व प्रविष्टि, ग्राम-तहसील, पुजारी का नाम और खसरे की प्रति सहित अलग-अलग विवरण तैयार किया जाएगा।

पुजारी के नाम नहीं होगी देवस्थान की जमीन
कलेक्टर के आदेश में सर्वोच्च न्यायालय के 6 सितंबर 2021 के निर्णय का हवाला देते हुए स्पष्ट किया गया है कि मंदिर से संबद्ध भूमि के स्वामी अधिष्ठाता देवता होते हैं। केवल पुजारी होने से किसी व्यक्ति का देवस्थान भूमि पर निजी स्वामित्व या भूमिस्वामी अधिकार नहीं बनता।

पुजारी का नाम जरूरत के अनुसार टिप्पणी कॉलम में
इसलिए रिकॉर्ड में संबंधित देवता अथवा देवस्थान का नाम नियमानुसार दर्ज किया जाएगा। शासन प्रबंधित देवस्थान में प्रबंधकीय प्रविष्टि मध्यप्रदेश शासन द्वारा, कलेक्टर जिला प्रबंधक के रूप में सुनिश्चित की जाएगी। पुजारी का नाम जरूरत के अनुसार टिप्पणी कॉलम में केवल पुजारी की हैसियत से दर्ज हो सकेगा।

सबसे अधिक रतलाम क्षेत्र में देवस्थानों की जमीन
अनधिकृत विक्रय, नामांतरण, कब्जे या अभिलेख में गंभीर गड़बड़ी मिलने पर तत्काल एसडीओ और कलेक्टर कार्यालय को सूचना देना होगी। प्रशासन ने इस पूरी कवायद को देवस्थान संपत्ति के संरक्षण की दृष्टि से प्राथमिकता पर रखने के निर्देश दिए हैं। आंकड़ों में रतलाम क्षेत्र में 623 देवस्थानों की 1,730.50 हेक्टेयर, जावरा में 316 की 791.01, पिपलौदा में 319 की 913.65 और आलोट में 291 की 662.52 हेक्टेयर भूमि दर्ज है।