
रतलाम. अक्टूबर के महीने में जयस संगठन की होने वाली महापंचायत के पहले जयस संगठन ने गुपचुप तरीके से रतलाम जिले के शिवगढ़ में बैठक की। इस बैठक में करीब दो हजार से अधिक आदिवासी आए और जय जोहार के नारे को बुलंद किया। बैठक में मंगलवार को हुई 6 आदिवासी युवकों की गिरफ्तारी सहित अन्य मुद्दों पर विरोध दर्ज कराते हुए अक्टूबर में बड़ी महापंचायत करने का निर्णय एक स्वर में लिया गया।
महापंचायत को लेकर बनी रुपरेखा
महापंचायत में शामिल जयस के डॉ. अभय ओहरी ने बताया पर्यावरण को बचाने, धोलावड डेम के जल को प्रदूषित होने से बचाने, जामड़ नदी पर स्थित पर्यावरण पार्क को बचाने को लेकर आगामी माह में जयस महापंचायत की रूप रेखा तय किये जाने हेतु बड़ी बैठक का आयोजन शिवगढ़ में किया गया। बैठक में अभय ओहरी, डॉ आनंद राय, कमलेश्वर डोडियार, मांगीलाल निनामा, केशु निनामा, विक्रम चारेल, चंदू मईडा, दीपक गरवाल सहित लगभग 2 हजार आदिवासी उपस्थित रहे।
बैठक में ये प्रस्ताव पास हुए
- रतलाम में प्रस्तावित विशेष ओद्योगिक निवेश क्षेत्र में जो जमीन अधिगृहण की जा रही है वो भूमि सरकार 99 वर्षों के लिए लीज पर ले और आजीवन रॉयल्टी दे। जिससे पीड़ित परिवार को आर्थिक संबल मिल सके।
- यहां लगने वाले उद्योगों में 50 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार मिले इसकी गारंटी सरकार दे।
- विस्थापित लोगों को मालिकाना हक मिले इसके लिए उन्हें जमीन के बदले अन्य स्थान पर भूमि मिले और विस्थापित लोगों को स्कूल शिक्षा आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था हो।
- सामाजिक विस्थापन मद से आदिवासी महापुरुष टंट्या भील के नाम से आदिवासी विश्वविद्यालय खोला जाए जिसमें आदिवासी संस्कृति इतिहास, भाषा, आदिवासी उत्थान से सम्बंधित रोजगार मूलक शिक्षा मिले।
- रतलाम संसदीय क्षेत्र में खनिज संपदा पर पहला हक आदिवासी युवा को मिले व इसके लिए कानून बनाया जाए।
- आदिवासी युवाओं पर पुलिस द्वारा दर्ज किए गए मुकदमे बगैर शर्त वापस लिए जाएं।
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