रतलाम

VIDEO दो हजार के नोट की गड्डी, हीरा मोती पन्ना से होता है यहां महालक्ष्मी मंदिर श्रृंगार

देश में महालक्ष्मी माता के अनेक मंदिर है, लेकिन मध्यप्रदेश के रतलाम के माणकचौक स्थित इस मंदिर की कहानी निराली है। यहां पर माता का श्रृंगार दो हजार से लेकर ५०० रुपए के नोट की गड्डी के साथ - साथ हिरा, मोती व पन्ना आदि से होता है। दिवाली की सुबह से लेकर अगले दिन तक यहां पर मध्यप्रदेश के बाहर के राज्यों से भी भक्त आकर दर्शन करते है।

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Oct 04, 2019
Ratlam Mahalaxmi Temple
Ratlam Mahalaxmi Temple

रतलाम। देश में महालक्ष्मी माता के अनुक मंदिर है, लेकिन मध्यप्रदेश के रतलाम के माणकचौक स्थित इस मंदिर की कहानी निराली है। यहां पर माता का श्रृंगार दो हजार से लेकर 500 रुपए के नोट की गड्डी के साथ - साथ हीरा, मोती व पन्ना आदि से होता है। दिवाली की सुबह से लेकर अगले दिन तक यहां पर मध्यप्रदेश के बाहर के राज्यों से भी भक्त आकर दर्शन करते है। इस बार दिवाली 2019 का त्यौहार 27 अक्टूबर को है। मंदिर की समिति ने तैयारी की शुरुआत कर दी है।

बता दे कि वर्ष 2018 में यहां पर मंदिर में माता का श्रृंगार करीब 200 करोड़ रुपए याने की 2 अरब रुपए से किया गया था। जब वर्ष 2016 में नोटबंदी हुई तब उसके पूर्व ही दिवाली का त्यौहार हो गया था। बता दे कि नोटबंदी 8 नवंबर 2016 को हुई थी, जबकि दिवाली का त्यौहार 30 अक्टूबर को था। ये परंपरा यहां पर वर्षो पूर्व से है। बताते है कि राज परिवार के समय से ये परंपरा चली आ रही है कि मंदिर को बेहतर तरीके से सजाया जाता है। बाद में जब राज परिवार का दखल समाप्त हुआ तो स्थानीय कारोबारियों ने इस कार्य को अपने हाथ में ले लिया।


हर गड्डी का रहता हिसाब

बड़ी बात है कि रतलाम के माणकचौक, चांदनीचौक सहित प्रमुख कारोबारी क्षेत्र के व्यापारी इन नोट की गड्डी को मंदिर को सजाने के लिए देते है। इतना ही नहीं, स्थानीय रहवासी ही अपनी तिजोरी में से आभुषण निकलकर देते है। मंदिर समिति सभी का हिसाब - किताब रखती है। पिछले वर्ष से तो मंदिर में दक्षिण के राज्यों से भी लोग दर्शन को आए थे। बताते है कि ये धार्मिक मान्यता है कि जो अपने रुपए यहां दिवाली में मंदिर में श्रृृंगार के लिए देता है पूरे वर्ष उस परिवार पर कोई विपदा नहीं आती है।

Published on:
04 Oct 2019 03:17 pm