रतलाम

जयपुर से रतलाम थाईलैंड की युवतियां कैसे पहुंची, यहीं जांच नहीं कर पाई पुलिस

नामली के स्पा सेंटर मामले में एसपी कुमार ने टीआइ अमित कोरी को जांच से हटाकर पूरे मामले की जांच बिलपांक पुलिस को सौप दी है।

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Jun 13, 2026
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प्रतीकात्मक तस्वीर। सोर्स: AI

रतलाम। नामली के स्पा सेंटर मामले में एसपी कुमार ने टीआइ अमित कोरी को जांच से हटाकर पूरे मामले की जांच बिलपांक पुलिस को सौप दी है। इसके अलावा मामले में स्पा सेंटर की एक अन्य संचालक योगिता सिंह को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया है। पत्रिका ने पूरे मामले में शनिवार के अंक में किस दबाव में धीमी चाल....शीर्षक से समाचार का प्रकाशन किया था।

पुलिस की छापामार कार्रवाई के बाद नामली-पंचेड़ मार्ग स्थित 'तुलसी वाटर पार्क' में स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे इंटरनेशनल देह व्यापार का भंडाफोड़ किया था। थाईलैंड की तीन युवतियों के सहयोग से यह चल रहा था। जिन्होंने मोबाइल ट्रांसलेटर के जरिए पूछताछ में कबूला था उनसे मोटी रकम लेकर देह व्यापार कराया जा रहा था। एसपी ने घोर लापरवाही बरतने के आरोप में नामली थाना प्रभारी अमित कोरी और बीट प्रभारी को कारण बताओ (शोकाज) नोटिस जारी किया था।

ऐसे आया योगिता का नाम

मामले में गिरफ्तार नरेश चौहान के मेमोरेंडम में उल्लेख है स्पा सेंटर का अनुबंध यागेश सिंह के नाम पर कराया गया, लेकिन कोर्ट में प्रस्तुत दस्तावेज में योगिता सिंह का नाम भी था। जांच अधिकारी ने योगेश और योगिता के आपस में भाई-बहन से जुडे़ दस्तावेज एकत्रित ही नहीं किए। जब सरकारी अधिवक्ता संजीव सिंह चौहान के संज्ञान में यह मामला आया, तब योगिता का नाम जोड़ा गया। पत्रिका में पूरा मामला शनिवार को प्रकाशित होने के बाद पुलिस ने तुरंत एक्यान लिया और योगिता सिंह को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया। हालांकि अब तक पुलिस इस बात का खुलासा नहीं कर पाई है कि थाईलेंड की युवतियां जयपुर से रतलाम किस तरह व कैसे आई थी। इनके पूरे नेटवर्क को भी पुलिस नहीं खोल पाई है।

चार टीम की दबिश देने गई

पुलिस के अनुसार योगिता की गिरफ्तारी के साथ ही अब उसके भाई योगेश की भी तलाश में लग गई है। पुलिस के भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार एसपी कुमार ने चार अलग-अलग टीम बनाई है जो योगेश के संदिग्ध ठिकानों पर तलाशी के लिए गई है। पुलिस को भरोसा है एक-दो दिन में योगेश गिरफ्तार हो सकता है व पूरे नेटवर्क का खुलासा हो जाएगा।


अब तक फरार योगेश

मामले में रतलाम निवासी आरोपित योगेश सिंह अभी फरार है। वहीं वाटर पार्क मैनेजर दिलीप पुत्र प्रहलादसिंह ठाकुर निवासी नामली, स्पा संचालक नरेश चौहान निवासी पाली राजस्थान तथा मैनेजर भरत मेवाड़ा निवासी जोधपुर न्यायिक अभिरक्षा में हैं। जांच में सामने आया है कि स्पा सेंटर का एग्रीमेंट योगेश सिंह के माध्यम से कराया गया था, जबकि न्यायालय में प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार जब्त एग्रीमेंट में योगिता सिंह का नाम दर्ज है। वाटर पार्क की मालिक योगिता सिंह है।

यहां से किया गिरफ्तार

पंचेड़-नामली मार्ग स्थित तुलसी वाटर पार्क में संचालित स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे अनैतिक देह व्यापार मामले में आरोपित नरेश से एग्रीमेंट करने वाली इंदौर के रालामंडल खंडवा रोड निवासी योगिता सिंह पत्नी कमल पटेल को पुलिस ने आरोपित बनाया है। आरोपित बनाने के बाद शनिवार को योगिता सिंह को इंदौर से गिरफ्तार कर रतलाम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। मालूम हो कि शुक्रवार को एसपी कुमार ने मामले की जांच कर रहे नामली थाना प्रभारी अमित कोरी को जांच से अलग कर जांच की जिम्मेदारी बिलपांक थाना प्रभारी अय्यूब खान को सौंपी थी। योगिता और योगेशसिंह दोनों भाई-बहन है।


Published on:
13 Jun 2026 10:18 pm