रियल एस्टेट

अधूरे प्रोजेक्ट्स जल्द पूरा कर रहे डेवलपर्स, अगले साल तेजी संभव

रेरा में किए गए सख्त प्रावधान से बचने के लिए डेवलपर्स अपने अधूरे प्रोजेक्ट का काम तेजी से पूरा कर रहे हैं

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Nov 22, 2017
property buying tips

नई दिल्ली। लंबे समय से रियल एस्टेट में छाया सुस्ती का दौर जल्द ही खत्म हो सकता है। वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 2018 से रियल एस्टेट सेक्टर पटरी पर लौट सकता है। ऐसा रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट 2016 (रेरा) के लागू होने के चलते होगा।

रेरा में किए गए सख्त प्रावधान से बचने के लिए डेवलपर्स अपने अधूरे प्रोजेक्ट का काम तेजी से पूरा कर रहे हैं। इसके चलते अगले साल, यानी 2018 में बिना बिके हुए (अनसोल्ड इनवेंट्री) की संख्या में बड़ी कमी देखने को मिलेगी क्योंकि जिन लोगों ने घर खरीदा है उनको जल्द ही घर का पजेशन मिलेगा।

साथ ही बाजार में रेडी टू मूव प्रॉपर्टी की मांग अभी भी है। यानी, बिक्री में भी इजाफा देखने को मिलेगा। इसका फायदा डेवलपर्स को मिलेगा। अनसोल्ड इनवेंट्री कमने से डेवलर्स की आर्थिक स्थिति अच्छी होगी जो प्रॉपर्टी बाजार को पटरी पर लौटने का काम करेगा। इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।

रेरा और जीएसटी से सेंटिमेंट हुआ पॉजिटिव
रियल्टी सेक्टर के जानकारों का कहना है कि रेरा और जीएसटी आने से प्रॉपर्टी बाजार का सेंटिमेंट पॉजिटिव हुआ है। इसका फायदा रियल्टी मार्केट को मिलना शुरू हो गया है। प्रॉपर्टी रिसर्च फर्म लियास फोरास के मुताबिक नोटबंदी के बाद से अब तक प्रॉपर्टी की बिक्री में 28 फीसदी का इजाफा हुआ है। हालांकि, बिकने वाले ज्यादातर घर अफोर्डेबल सेगमेंट के हैं।

सिर्फ छह डेवलपर्स के पास 66 हजार करोड़ की इनवेंट्री
फिच के अनुसार वित्त वर्ष 2016-17 में देश भर के सिर्फ ६ बड़े डेवलपर्स के पास 66,800 करोड़ रु. की अनसोल्ड इनवेंट्री है, जो वित्त वर्ष 2015-16 में 63,100 करोड़ रु.की थी। यानी, सिर्फ एक वित्त वर्ष में 3000 करोड़ सेे ज्यादा की इनवेंट्री बढ़ गई।

रेडी टू मूव प्रॉपर्टी की बढ़ेगी मांग
जीएसटी से रियल्टी सेक्टर अभी तक बाहर है। फिच का कहना है कि इसके चलते रियल्टी सेक्टर पर टैक्स का बोझ कम हुआ है। इसका फायदा तैयार प्रॉपर्टी को मिलेगा औैर आने वाले समय में मांग बढ़ेगी।

Published on:
22 Nov 2017 10:15 am