
26 June 2026 Panchang: 26 जून 2026 का पंचांग कई शुभ संयोग लेकर आया है। इस दिन शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि, सर्वार्थसिद्धि योग (Sarvarth Siddhi Yog), सिद्ध योग और राजयोग का प्रभाव रहेगा, जिससे विवाह, मांगलिक कार्य, निवेश और महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए विशेष शुभ मुहूर्त बनेंगे। वहीं राहुकाल और दिशा शूल को देखते हुए यात्रा संबंधी कार्यों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
द्रिक पंचांग के अनुसार आज सूर्योदय से सुबह 7:21 बजे तक चर चौघड़िया रहेगा। इसके बाद लाभ और अमृत चौघड़िया क्रमशः सुबह 10:47 बजे तक शुभ फल देने वाले माने गए हैं। दोपहर 12:29 से 2:12 बजे तक शुभ चौघड़िया रहेगा। शाम 5:37 बजे से सूर्यास्त तक पुनः चर चौघड़िया का समय रहेगा। ज्योतिषाचार्य पंडित मुकेश भारद्वाज अनुसार इन अवधियों में नए कार्यों की शुरुआत, निवेश, खरीदारी और मांगलिक आयोजन किए जा सकते हैं।
आज सुबह 6:15 बजे से दोपहर 1:50 बजे तक महापात योग रहेगा। हालांकि शाम 7:16 बजे से अनुराधा नक्षत्र के साथ सर्वार्थसिद्धि योग प्रारंभ होगा, जो अगले सूर्योदय तक प्रभावी रहेगा। इसी अवधि में रात 10:33 बजे तक राजयोग भी रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ऐसे योगों में आरंभ किए गए कार्यों को शुभ माना जाता है।
शुक्रवार को राहुकाल सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। इस दौरान नए कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है। वहीं पश्चिम दिशा में दिशा शूल होने के कारण पश्चिम की ओर यात्रा टालना बेहतर माना गया है। यदि यात्रा अत्यावश्यक हो तो परंपरागत उपाय करके प्रस्थान किया जा सकता है।
द्वादशी तिथि रात 10:23 बजे तक रहेगी, इसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ होगी। विशाखा नक्षत्र शाम 7:16 बजे तक प्रभावी रहेगा, फिर अनुराधा नक्षत्र का प्रवेश होगा। सिद्ध योग सुबह 11:39 बजे तक रहेगा, उसके बाद साध्य योग शुरू होगा।
चंद्रमा दोपहर 12:33 बजे तक तुला राशि में रहेंगे और इसके बाद वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। चंद्रमा के इस राशि परिवर्तन का प्रभाव कई राशियों के मनोभाव, निर्णय क्षमता और कार्यशैली पर देखने को मिल सकता है।
पंचांग के अनुसार अनुराधा नक्षत्र में विवाह के शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा चिकित्सा और विशेष रूप से शल्य चिकित्सा संबंधी कार्यों के लिए भी यह नक्षत्र अनुकूल माना गया है। यही कारण है कि कई लोग महत्वपूर्ण कार्यों की योजना आज के दिन के अनुसार तय कर सकते हैं।
दोपहर 12:33 बजे तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि तुला रहेगी, जबकि इसके बाद जन्म लेने वाले बच्चों की राशि वृश्चिक होगी। शाम 7:16 बजे तक जन्मे शिशुओं का नक्षत्र विशाखा और उसके बाद अनुराधा नक्षत्र रहेगा। नामकरण के लिए 'ते', 'तो', 'न' और 'नी' अक्षर शुभ माने गए हैं।
तुला राशि के जातक सौम्य, कलाप्रेमी और संतुलित स्वभाव के माने जाते हैं। इन्हें यात्रा, सौंदर्य और रचनात्मक कार्यों में विशेष रुचि रहती है। न्यायप्रियता और तार्किक सोच इनकी प्रमुख पहचान होती है।
वहीं वृश्चिक राशि के लोग दृढ़ इच्छाशक्ति वाले, मेहनती और साहसी माने जाते हैं। शोध, सुरक्षा सेवाओं, कृषि, खनिज व्यवसाय और तकनीकी क्षेत्रों में इन्हें सफलता मिलने की संभावनाएं अधिक रहती हैं। अपने लक्ष्य को पाने के लिए लगातार प्रयास करना इनकी सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज के शुभ योगों का लाभ लेने के लिए भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा, दान-पुण्य तथा सत्संग करना विशेष फलदायी माना गया है।