आज वैशाख पूर्णिमा (buddh purnima ) यानी बुद्ध पूर्णिमा है। आज ही के दिन भगवान गौतम बुद्ध (lord buddha) का जन्म हुआ था। इसीलिए इस पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा कहते हैं। पूर्णिमा पर स्नान और दान का विशेष महत्व होता है। इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा से सांसारिक सुख तो मिलते ही हैं, मृत्यु के बाद भक्त को बैकुंठ लोक की प्राप्ति भी होती है। इस दिन जानें कैसे करते हैं स्नान और दान (buddh purnima snan dan)..
बुद्ध पूर्णिमा का महत्वः धार्मिक ग्रंथों के अनुसार पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा और अन्य पवित्र नदियों में स्नान न कर पाएं तो गंगाजल को स्नान के पानी में मिलाकर स्नान करें। इस दिन सुबह स्नान करके पीपल के पेड़ की पूजा और रात्रि के वक्त चंद्रमा को दूध से अर्घ्य देने का भी विधान है।
बुद्ध पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी की पूजा (buddh purnima laxami ji ki puja)
वैशाख महीने की पूर्णिमा को माता लक्ष्मी की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। इस साल बुद्ध पूर्णिमा विशेष फलदायी है। इसके पीछे की वजह है कि यह शुक्रवार को पड़ रहा है और यह माता लक्ष्मी की पूजा का ही दिन है। इस दिन कुछ आसान उपाय और दान से माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
बुद्ध पूर्णिमा उपाय (buddha purnima upay)
आर्थिक परेशानियों से मुक्तिः बुद्ध पूर्णिमा के दिन सुबह और शाम स्नान कर माता लक्ष्मी की प्रतिमा की पूजा करनी चाहिए। इस दिन माता लक्ष्मी के मंत्र ऊं श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ऊं का जाप करने से मनुष्य को आर्थिक परेशानियों से मुक्ति मिलती है।
ऐसे होंगी माता प्रसन्नः माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए पूर्णिमा के दिन पूजा में लाल चंदन, लाल अक्षत, लाल वस्त्र, लाल फूल, मौसमी फल, मिठाई अर्पित करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। इसके अलावा माता को दूध से बनी खीर का भोग लगाना चाहिए और कनकधारा स्त्रोत का पाठ करना चाहिए। इससे घर में सुख समृद्धि आती है। माता की कृपा पाने के लिए पूजा और मंत्र जप के बाद घी के दीप से माता लक्ष्मी की आरती करनी चाहिए।
तुलसी की मिट्टी का तिलकः बुद्ध पूर्णिमा के दिन तुलसी की मिट्टी का तिलक लगाकर कोई भी शुभ कार्य करना चाहिए। इससे माता लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु की भी कृपा प्राप्त होती है, जिससे व्यक्ति का हर कार्य सफल होता है।
बुद्ध पूर्णिमा पर दान(buddha purnima dan)
1. बुद्ध पूर्णिमा पर जल से भरे कलश और ठंडे फलों का दान करना चाहिए।
2. कलश में शर्बत बनाकर भरें और दान करें
3. फल पंखा सूती वस्त्र छाता चप्पल आदि दान करना चाहिए
4. पूर्णिमा पर पितरों की पसंद की वस्तुएं दान करना चाहिए, इससे उनकी आत्मा तृप्त होती है और सुख समृद्धि आती है।