
Kalsarp Yog 2026 : 11 मई से बन रहा खतरनाक कालसर्प योग, इन 4 राशियों पर मंडरा रहा संकट (फोटो सोर्स: AI@Gemini)
Kalsarp Yog 2026: आसमान में ग्रहों की चाल कुछ ऐसा खेल दिखाने वाली है, जिससे कई लोगों की रातों की नींद उड़ सकती है। 11 मई से अंतरिक्ष में कालसर्प योग की ऐसी खगोलीय स्थिति बन रही है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में बेहद प्रभावशाली और थोड़ा डरावना माना जाता है।
जब राहु और केतु जैसे (Rahu Ketu planetary alignment) छाया ग्रह बाकी सभी सात ग्रहों को अपने घेरे में ले लेते हैं, तब यह योग बनता है। इस बार सिंह राशि में स्थित केतु और कुंभ राशि में स्थित राहु के बीच सभी ग्रह कैद हो जाएंगे। यह स्थिति 26 मई तक बनी रहेगी। आइए जानते हैं पंडित प्रमोद शर्मा से किन राशियों को इस दौरान संभलकर रहने की जरूरत है और बचने के उपाय क्या हैं।
पंडित प्रमोद शर्मा के अनुसार कालसर्प योग का असर वैसे तो सभी पर पड़ता है, लेकिन इन चार राशियों के लिए यह समय किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा
आपके लिए यह समय कार्यक्षेत्र में चुनौतियों भरा हो सकता है। ऑफिस में आपकी मेहनत का श्रेय कोई और ले जाने की कोशिश करेगा।
सावधानी: आर्थिक फैसलों में जल्दबाजी न करें और बच्चों की सेहत का खास ख्याल रखें।
11 मई को चंद्रमा के कुंभ राशि में प्रवेश करते ही यह योग सक्रिय होगा। कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा है, इसलिए आप पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
सावधानी: बिना वजह का डर और तनाव आपको घेर सकता है। परिवार में बहस से बचें और अपनी वाणी पर लगाम रखें।
वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय थोड़ा जोखिम भरा है। आपको आग और ड्राइविंग, दोनों से सावधान रहने की जरूरत है।
सावधानी: किसी अजनबी पर भरोसा न करें, वरना बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है। सेहत को लेकर लापरवाही बिल्कुल न बरतें।
चूंकि राहु आपकी ही राशि में बैठा है, इसलिए आप सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। निवेश के मामले में यह समय बिल्कुल भी ठीक नहीं है।
सावधानी: गले या पेट से जुड़ी बीमारियां परेशान कर सकती हैं। धैर्य रखें, वरना जल्दबाजी में बना-बनाया काम बिगड़ सकता है।
ज्योतिष विज्ञान के अनुसार, कालसर्प योग का मतलब हमेशा बुरा नहीं होता, लेकिन यह संघर्ष को बढ़ा देता है। इतिहास गवाह है कि कई महान हस्तियों की कुंडली में भी यह योग था (जैसे जवाहरलाल नेहरू), जिन्होंने बहुत संघर्ष के बाद अपार सफलता पाई।
विशेष जानकारी: 11 मई से शुरू होने वाला यह योग मुख्य रूप से अनंत' या घात' कालसर्प योग की श्रेणी में आ सकता है, जो मानसिक अशांति और कानूनी उलझनों को न्योता देता है।
घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हमारे शास्त्रों में इसके सरल समाधान भी बताए गए हैं:
महादेव की शरण: भगवान शिव काल के भी काल हैं। प्रतिदिन 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करें और शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।
दान का महत्व: शनिवार के दिन कोयला, नीले कपड़े या काले तिल का दान करें।
सर्प पूजन: धातु (तांबे या चांदी) के बने नाग-नागिन के जोड़े को बहते जल में प्रवाहित करना इस दोष को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।
राहु-केतु मंत्र: 'ॐ रां राहवे नमः' और 'ॐ कें केतवे नमः' का नियमित जाप आपको मानसिक शांति देगा।
अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहाँ दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।
Published on:
06 May 2026 05:09 pm
बड़ी खबरें
View Allधर्म/ज्योतिष
ट्रेंडिंग
