धर्म और अध्यात्म

विचार मंथन : मुसीबत से डरकर भागो मत, उसका सामना करो- स्वामी विवेकानन्द

मुसीबत से डरकर भागो मत, उसका सामना करो
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Nov 01, 2018
Daily Thought Vichar Manthan
विचार मंथन : मुसीबत से डरकर भागो मत, उसका सामना करो- स्वामी विवेकानन्द

एक बार बनारस में स्वामी विवेकनन्द जी मां दुर्गा जी के मंदिर से दर्शन करके निकल निकल ही रहे थे कि तभी वहां मौजूद बहुत सारे बंदरों ने उन्हें घेर लिया । वे उनसे प्रसाद छिनने लगे वे उनके नज़दीक आने लगे और डराने भी लगे । बंदरों के इस व्यवहार से स्वामी जी बहुत भयभीत हो गए और खुद को बचाने के लिए दौड़ कर भागने लगे, जैसे ही स्वामी जा भागे वे सारे के सारे बन्दर तो मानो पीछे ही पड़ गए हो, स्वामी जी के पीछे पीछे दौड़ाने लगे ।

वहीं पास में खड़े एक वृद्ध सन्यासी ये सब कुछ देख रहे थे, उन्होंने जोर की आवाज लगाते हुए स्वामी विवेकानंद जी को रोका और कहा – रुको ! डरो मत, उनका सामना करो और फिर देखो क्या होता है । वृद्ध सन्यासी की बात सुनकर स्वामी जी तुरंत पलटे और बंदरों के तरफ बढऩे लगे । उनके आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा जब स्वामी जी के ऐसा करते ही सभी बन्दर तुरंत भाग गए । स्वामी विवेकानंद जी ने वृद्ध सन्यासी को इस सलाह के लिए बहुत धन्यवाद किया ।

इस घटना से स्वामी विवेकानंद जी को एक गंभीर सीख मिली और कई सालों बाद उन्होंने एक संबोधन में इसका जिक्र भी किया और कहा – यदि तुम कभी किसी चीज से भयभीत हो, तो उससे भागो मत, पलटो और सामना करो । वाकई, यदि हम भी अपने जीवन में आई समस्याओं का सामना करें और उससे भागें नहीं तो बहुत सी समस्याओं का समाधान तो स्वतः ही हो जायेगा ।