आज तीन जुलाई 2023 को आषाढ़ पूर्णिमा है, इस तिथि को व्यास पूर्णिमा और गुरु पूर्णिमा भी कहते हैं। आज देश भर में गुरुओं का पूजन किया जाता है। इसको लेकर आश्रमों और गुरु के स्थानों पर आज लाखों श्रद्धालु पहुंचे हैं। आज गुरुओं से ही जानते हैं कि हमारे लिए क्यों जरूरी हैं गुरु, वो क्या करते हैं काम..
हमेशा शिष्य के साथ होता है गुरु
योगी सद्गुरु गुरु की महिमा बताते हुए शिष्यों से कहते हैं कि गुरु आपकी सांस, आपके दिल की धड़कन, या आपकी मुक्ति हो सकता है। आप जो भी चुनते हैं, मैं आपके साथ हूं। उनका कहना है गुरु हर परिस्थिति में शिष्य के साथ रहता है और रास्ता दिखाता है।
स्वामी अवधेशानंद गिरि से जानें क्या होते हैं गुरु
आचार्य और महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि कहते हैं कि गुरु व्यक्ति ही नहीं, अपितु तत्व, विद्या और परंपरा है। साधना के गतिरोध काल, पराभव, विषमता में सबल आश्रय, सशक्त प्रेरणा और अज्ञानजन्य दुःख निवृत्ति निमित्त दिव्य सत्ता विवेक विचार का आत्म सामर्थ्य बनकर हमें अपने शाश्वत-अविनाशी स्वरूप बोध के लिए प्रेरित- उत्साहित करता है तथा जिनके आशीष अनुग्रह से अन्तस में समाहित दैवीय सामर्थ्य का जागरण होता है, ऐसे अकारण कृपालु श्री गुरुदेव को कोटि कोटि नमन।
श्री श्री रविशंकर से जानें गुरु की महिमा
मोटिवेशनल स्पीकर और आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर का कहना है कि गुरु का काम आपके लिए नौकरी ढूंढ़ना नहीं है और न ही कोई रिश्ता ढूंढ़ना है, गुरु का काम इसके आगे का है। इसका सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि गुरु आपके अंतर को मुक्त करता है और यह विश्वास दिलाता है आपके अंतर में ही वह प्रकाश है और असीम ब्रह्म है जिससे मिलन ही मनुष्य जीवन का लक्ष्य है।