
Rudraksha for Taurus : वृषभ राशि के लिए क्यों खास है छह मुखी रुद्राक्ष (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)
6 Mukhi Rudraksha Benefits: ज्योतिषाचार्य शरद शर्मा के अनुसार वृषभ राशि (Taurus) के जातकों के लिए छह मुखी रुद्राक्ष (Rudraksha) शुभ माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह रुद्राक्ष शुक्र ग्रह से जुड़ा होता है, जो प्रेम, सौंदर्य, भौतिक सुख-सुविधाओं और रचनात्मकता का कारक माना जाता है। माना जाता है कि इसे धारण करने से व्यक्ति को मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता में सकारात्मक लाभ मिल सकता है। आइए जानते हैं कि वृषभ राशि के लिए छह मुखी रुद्राक्ष को क्यों खास माना जाता है और इसे धारण करने की पारंपरिक विधि क्या है।
एस्ट्रोलॉजर शरद शर्मा के अनुसार अगर वृषभ राशि वाले अपने अंदर भावनाओं का संतुलन, कला की समझ और संपन्नता चाहते हैं, तो ज्योतिष कहता है छह मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ये छोटा सा मनका (Shiva Purana Chapter 25 Greatness of Rudraksha) आपके जीवन की दिशा और हालात दोनों बदल सकता है।
वृषभ राशि पर शुक्र ग्रह का असर सबसे ज्यादा होता है। शुक्र यानी विलासिता, प्रेम, सुंदरता और भोग। छह मुखी रुद्राक्ष के देवता भगवान कार्तिकेय माने जाते हैं, और इसका स्वामी ग्रह भी शुक्र ही है। यही कारण है कि ये रुद्राक्ष वृषभ राशि के लिए सबसे खास है। ऐसा माना जाता है इसे पहनने से शुक्र संबंधी दोष दूर होते हैं और किस्मत साथ देने लगती है।
गुस्सा और जिद कम होती है, सोच में लचीलापन आता है और इंसान हालात के मुताबिक खुद को ढालना सीखता है। पढ़ाई, आर्ट या बिजनेस में फैसले लेने की ताकत बढ़ती है और फोकस मजबूती से टिकता है। शुक्र की वजह से रिश्तों में मिठास आती है और शादीशुदा जीवन या लव लाइफ की कड़वाहट दूर हो जाती है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जो लोग जिंदगी में दौलत और आराम चाहते हैं, उनके लिए तो यह नए मौके खोलता है।
ज्योतिषाचार्य शरद शर्मा के अनुसार, अगर आपके करियर में बार-बार उतार-चढ़ाव आ रहे हैं, पैसा अटक रहा है या सेहत को लेकर चिंता है, तो छह मुखी के साथ सात मुखी रुद्राक्ष भी पहन सकते हैं। ये दोनों मिलकर न केवल तनाव दूर करते हैं, बल्कि अचानक पैसा आने के आसार भी बनाते हैं।
सोमवार या शुक्रवार की सुबह नहाकर रुद्राक्ष को गंगाजल और दूध से साफ करें। फिर चंदन, धूप, दीप से पूजा करें और "ॐ ह्रीं हुं नमः" या फिर "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का 108 बार जप करें। इसे लाल धागे, चांदी या सोने की चैन या ब्रेसलेट में पहनिए, चाहे गले में या कलाई में–जैसे पसंद आए।
एस्ट्रोलॉजर शरद शर्मा ने बताया कि आजकल नकली रुद्राक्ष बहुत चलते हैं। हमेशा लैब से जांचा-परखा और असली, प्राकृतिक रुद्राक्ष ही खरीदें। तभी इसकी असली शक्ति आपके साथ होगी।
अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहाँ दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।
Published on:
16 Jun 2026 04:09 pm
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