
Venus transit - image Chatgpt
Shukra Gochar नवग्रहों में शुक्र सभी भौतिक सुखों के कारक माने जाते हैं। जब भी वे अपनी राशि या नक्षत्र बदलते हैं तो जातक के जीवन पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है। 11 अगस्त को शुक्र देव उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र छोड़कर हस्त नक्षत्र में प्रवेश कर चुके हैं। वे 25 अगस्त तक यहां रहेंगे। शुक्र का यह गोचर कई लोगों के लिए धन और वैभव कारक साबित होगा। विशेषकर जिनकी कुंडली में शुक्र, बुध और चंद्रमा की स्थिति अच्छी है, उन्हें शुक्र का यह बदलाव बेहद लाभप्रद रहेगा। ऐसे जातकों को पैसा और प्यार, दोनों मिलेगा।
हस्त नक्षत्र का कला, व्यापार और बौद्धिक कौशल से सीधा संबंध है। इस नक्षत्र में शुक्र जातक के करियर में प्रगति देगा, व्यापारिक स्थिति भी मजबूत बनाएगा। विशेषकर रचनात्मक कामों से जुड़े लोगों को लाभ देगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि 11 अगस्त से 25 अगस्त तक शुक्र हस्त नक्षत्र में रहेंगे। इस अवधि में कला, रचनात्मकता और बौद्धिक कौशल से संबंधित लोग खासे लाभान्वित होंगे। हालांकि यह भी याद रखना होगा कि इस गोचर के दौरान शुक्र अपनी नीच राशि कन्या में स्थित हैं। इस दौरान नाजायज प्रेम संबंधों से बचें। विशेषकर पुरुष जातकों के लिए शुक्र पत्नी व दांपत्य जीवन का कारक होता है। जिनकी कुंडली में शुक्र की स्थिति अच्छी नहीं है उन्हें किसी भी हाल में विवाहेत्तर संबंधों से बचना चाहिए अन्यथा हानि हो सकती है।
हस्त नक्षत्र में शुक्र के गोचर के दौरान कार्यक्षेत्र में बुद्धिमत्ता और रचनात्मकता बढ़ती है। इससे करियर में उन्नति होगी। शुक्र की कृपा के बिना जीवन में कोई भौतिक सुख प्राप्त नहीं किया जा सकता और शुक्र देव मां लक्ष्मी की पूजा से प्रसन्न होते हैं। इसलिए शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की विधि विधान से पूजा करें। इससे न केवल धन-संपत्ति की प्राप्ति होगी बल्कि दांपत्य जीवन और प्रेम संबंधों में भी लाभ मिलेगा।
शुक्र ग्रह प्रेम, सौंदर्य और विवाह संबंधों के भी कारक हैं। गोचर की अवधि में शुक्र के बीज मंत्र का जाप करें। इससे स्त्री सुख प्राप्त होता है। दांपत्य जीवन में तनाव रहता है तो 25 अगस्त तक और विशेषकर इस दौरान आनेवाले शुक्रवार रात को देशी घी का दीपक लगाएं। रोज सुबह गाय को ताज़ी रोटी खिलाएं। शाम को पूरे घर में रोशनी करें। अपने शयनकक्ष में राधा-किशन या प्रेमी जोड़े की तस्वीर लगाएं।
हस्त नक्षत्र में शुक्र के गोचर का पूर्ण लाभ लेने के लिए शुक्रवार के दिन सफेद रंग के कपड़े पहन कर मां लक्ष्मी की पूजा करें। उन्हें कमल का फूल अर्पित करें, बिल्व पत्र और कमलगटटा भी अर्पित करें। इसके बाद श्रीसूक्त के प्रारंभिक 16 सूक्तों का पाठ करें।
Updated on:
12 Aug 2026 02:13 pm
Published on:
12 Aug 2026 02:12 pm
