Hanuman Jayanti 2024 हनुमानजी को रुद्रावतार और कलियुग का जाग्रत देवता माना जाता है। मान्यता है कि त्रेता युग में भगवान राम जब धरती से अपने लोक जाने लगे तो हनुमानजी को यहीं रूक कर लोगों की मदद करने का आदेश दिया। हनुमानजी की पूजा से शक्ति, भक्ति और दृढ़ता मिलती है। शनिदेव भी हनुमान भक्तों को तंग नहीं करते है। ऐसे में जानते हैं कब है हनुमान जयंती, हनुमानजी के मंत्र ( hanumanji mantra) और पूजा विधि
हनुमान जयंती पूरे देश में मनाई जाती है। हालांकि उत्तर-दक्षिण में इसे सेलिब्रेट करने के तरीके कुछ अलग हैं। उत्तर भारत में हनुमान जयंती चैत्र पूर्णिमा को मनाई जाती है, जो इस साल 2024 में मंगलवार 23 अप्रैल को पड़ रही है। वहीं आंध्र प्रदेश, तेलंगाना आदि इस दिन से 41 दिवसीय उत्सव शुरू होता है जो वैशाख कृष्ण पक्ष दशमी तक चलता है। वहीं तमिलनाडु में हनुमत जयंती मार्गशीर्ष अमावस्या और कर्नाटक में मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष त्रयोदशी के दिन मनाई जाती है। इस दिन लोग व्रत रखते हैं।
हनुमान जी को भगवान शिव का अवतार माना जाता है, उनका एक नाम बजरंगबली भी है। इन्होंने वानरराज केसरी और उनकी पत्नी अंजना के घर जन्म लिया था। मान्यता है कि हनुमान जी की पूजा से व्यक्ति को शक्ति, भक्ति और दृढ़ता मिलती है। इनको कलियुग का जाग्रत देवता माना जाता है। हनुमान जयंती के दिन बजरंगबली की पूजा करने से सभी संकट दूर हो जाते हैं। इससे भक्त को बुद्धि भी मिलती है। कहा जाता है सच्चे मन से इनकी पूजा करने पर तत्काल परिणाम मिलता है।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार हनुमान की पूजा से शनि देव भी प्रसन्न होते हैं। इससे शनि के नकारात्मक प्रभाव से छुटकारा मिलता है। शनि साढ़े साती और ढैया व्यक्ति को अधिक परेशान नहीं करते।
1. हनुमान जयंती पर दिन की शुरुआत अनुष्ठानिक स्नान से किया जाता है।
2. भक्त हनुमान मंदिर जाएं या घर पर पूजा करें।
3. इसके लिए हनुमानजी की प्रतिमा पर सिंदूर लगाएं और पूजा करें
4. हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करें।
5. कई लोग उपवास भी करते हैं।
1. ॐ श्री हनुमते नमः
2. ॐ ऐं भ्रीं हनुमंते, श्री राम दूताय नमः
3. ॐ आंजनेय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि। तन्नो हनुमन्त प्रचोदयात्