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Shani Jayanti 2026 : सालों बाद अद्भुत संयोग! शनि जयंती पर बन रहा है विशेष योग, नोट करें डेट और टाइम

Shani Jayanti 2026 Date and Time, Shani Amavasya 2026 : शनि जयंती 2026 इस बार खास संयोग के साथ 16 मई को मनाई जाएगी, जब ज्येष्ठ अमावस्या भी साथ पड़ रही है। जानें पूजा का शुभ समय, विधि, दान का महत्व और शनि देव को प्रसन्न करने के आसान उपाय।

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भारत

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Manoj Vashisth

Apr 30, 2026

Shani Jayanti 2026

Shani Jayanti 2026 : 16 मई 2026 शनि जयंती: शनि अमावस्या का दुर्लभ संयोग, कैसे करें पूजा? (फोटो सोर्स: AI@Gemini)

Shani Jayanti 2026 Date and Time, Shani Amavasya 2026 : शनि जयंती हर साल लोग पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ मानते हैं लेकिन इस बार 2026 की शनि जयंती कुछ अलग ही संयोग के साथ आ रही है। शनि जयंती इस बार यह 16 मई, शनिवार को मनाई जाएगी और उसी दिन ज्येष्ठ अमावस्या भी पड़ रही है। यानी इस बार शनि अमावस्या का बड़ा ही दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष इसे धार्मिक नजरिए से बहुत शुभ माना रहे है। कहा जाता है कि इस दिन की गई पूजा और दान से शनि देव खुश होते हैं और लाइफ में आ रही परेशानियां भी दूर करते हैं।

2026 की शनि जयंती क्यों खास है?

आपको बता दें कि इस बार शनि जयंती और अमावस्या साथ-साथ मनाई जा रही है जो बहुत कम देखने को मिलता है। ज्येष्ठ अमावस्या 16 मई सुबह 5:11 बजे शुरू होगी और 17 मई रात 1:30 बजे तक चलेगी। शाम का वक्त खासकर 7:05 से 8:23 के बीच पूजा के लिए सबसे अच्छा माना गया है।

शनि देव का महत्व क्या है?

हिंदू धर्म में शनि देव को न्याय का देवता कहा गया है। वो सूर्य देव और छाया के बेटे हैं। मान्यता है कि शनि देव इंसान के कर्मों के हिसाब से ही फल देते हैं। अच्छे कर्म हो तो शुभ परिणाम, लेकिन अगर गलती की तो दंड भी मिलेगा। ज्योतिष में शनि को अनुशासन, धैर्य और कर्मफल का प्रतीक मानते हैं। जिनकी कुंडली में शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हो, उनके लिए शनि जयंती का दिन काफी अहम है।

शनि जयंती की पूजा कैसे करें?

  • सुबह उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें
  • घर के मंदिर में शनि देव की मूर्ति या तस्वीर रखें
  • सरसों का तेल, काले तिल, काले कपड़े और उड़द दाल अर्पित करें
  • पीपल के पेड़ के नीचे दीप जलाएं
  • शाम के वक्त तेल चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है
  • शनि चालीसा या शनि मंत्र का जाप करें

व्रत और दान का महत्व

कई लोग इस दिन व्रत भी रखते हैं और शाम में पूजा के बाद फलाहार करते हैं। दान देना भी बहुत अहम है— खासकर काले कपड़े, लोहे के बर्तन, तिल और सरसों का तेल, या गरीबों को खाना। माना जाता है कि इससे शनि देव प्रसन्न होते हैं और जीवन में सुख-शांति आती है।

क्या ध्यान रखे?

शनि जयंती सिर्फ पूजा का दिन नहीं है, ये आत्मचिंतन और अच्छे कर्मों की याद दिलाने वाला भी है। इस दिन:

  • झूठ बोलने से बचें
  • किसी का दिल न दुखाएं
  • गुस्से और विवाद से दूर रहें
  • जरूरतमंदों की मदद करें

आखिरकार, शनि देव तो हर इंसान को उसी के कर्म के मुताबिक फल देते हैं।

कुछ और दिलचस्प बातें

शनि देव को धीमा चलने वाला ग्रह माना जाता है, इस वजह से उनका असर भी काफी लंबा रहता है। शनिवार को काले कपड़े पहनना खास इसलिए है क्योंकि काला रंग शनि का पसंदीदा है। ज्योतिष में शनि को सबसे प्रभावशाली ग्रहों में गिना जाता है, जो इंसान की जिंदगी तक बदल सकता है।

शनि जयंती 2026 सिर्फ एक त्योहार नहीं है यह अपने जीवन को सही दिशा देने का मौका है। इस दिन सच्चे मन से पूजा, दान और अच्छे काम करें, तो न सिर्फ शनि देव की कृपा मिलेगी बल्कि जीवन में स्थिरता और सफलता भी आएगी। अगर आप भी जिंदगी की मुश्किलों से राहत चाहते हैं, तो इस शनि जयंती को पूरे दिल और सादगी के साथ जरूर मनाएं।

अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहाँ दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।