आम तौर पर कैलेंडर में कोई दिन एक माह में चार या पांच बार आता है, ये आप जानते हैं। लेकिन क्या आप सोच सकते हैं कि एक माह में कोई दिन आठ बार भी आ सकता है, पर हैरान मत होइए इस साल यह हो रहा है। यह कमाल है भारतीय काल गणना पद्धति का जो सेकेंड से भी कम वक्त का आकलन करती है, जिसके नतीजे में Hindu Nav Varsh 2023 (जिसे विक्रम संवत 2080 कहेंगे) में एक महीने में आठ सोमवार पड़ेंगे।
Hindu Nav Varsh 2023: अंग्रेजी कैलेंडर के साल 2023 के दौरान यानी हिंदू कैलेंडर के अगले साल 2080 वि. में दो माह का सावन होगा, जिसमें सावन के आठ सोमवार (Sawan ke Somvar) पड़ेंगे। एक ही साल में सावन महीने में आठ सावन के सोमवार का व्रत रहने का मौका मिलेगा। इससे इस साल सावन में भगवान शिव की पूजा का अधिक मौका मिलेगा।
Adhik Mas 2023: इस तरह हिंदू कैलेंडर के नए साल 2080 विक्रम सम्वत में 59 दिन का सावन होने से कैलेंडर में एक महीना बढ़ जाएगा। इसे अधिकमास, मलमास या पुरुषोत्तम मास कहते हैं। इस तरह साल में 13 महीने हो जाएंगे। ज्योतिषियों का कहना है कि 19 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है कि हिंदू कैलेंडर में दो माह का सावन आ रहा है। प्रयागराज के ज्योतिषाचार्य आशुतोष वार्ष्णेय के मुताबिक अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक वर्ष 2023 में अधिकमास 18 जुलाई से शुरू होगा, और 16 अगस्त तक चलेगा।
अधिकमास का कारणः दरअसल, भारतीय हिंदू कैलेंडर सूर्य और चंद्र से संबंधित गणना पर आधारित है, जिसे सूर्य वर्ष और चंद्र वर्ष के रूप में समझते हैं। प्रत्येक सूर्य वर्ष 365 दिन और करीब 6 घंटे का होता है। वहीं चंद्र वर्ष 354 दिन का होता है। इस तरह दोनों में 11 दिन का अंतर है, जो हर तीसरे साल एक महीने के बराबर हो जाता है।
इस अंतर को संतुलित करने के लिए चंद्र वर्ष में एक नया महीना अस्तित्व में आता है, अतिरिक्त होने के कारण ही इसे अधिकमास (Adhik Mas) कहते हैं। यानी यह चंद्र वर्ष का ही एक अतिरिक्त भाग है जो हर 32 माह 16 दिन 8 घटी के अंतर पर आता है। इस तरह भारतीय गणना पद्धति के अनुसार सूर्य और चंद्र वर्ष में अंतर को संतुलित करने के लिए चंद्रवर्ष के एक भाग के रूप में इसको जाना जाता है।
Sawan 2023 start Date: नव वर्ष 2023 में सावन चार जुलाई 2023 से शुरू हो रहा है, जिसका पहला सोमवार दस जुलाई को पड़ रहा है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार 31 अगस्त 2023 बृहस्पतिवार को सावन पूर्णिमा ( Sawan Purnima Adhik Mas) के साथ यह महीना संपन्न हो रहा है।
भगवान शिव और विष्णु दोनों की पूजा का माहः वैसे तो सावन भगवान शिव की पूजा का महीना है और माना जाता है यह भोलेनाथ को अधिक प्रिय है। इस महीने (Sawan Somvar 2023) में पूजा अर्चना से भगवान शिव अत्यधिक प्रसन्न होते हैं, लेकिन मलमास (Adhik Mas 2023) भगवान विष्णु की पूजा के लिए जाना जाता है। इसलिए एक साथ भगवान शिव और विष्णु की विशेष पूजा का मौका मिल रहा है। अधिक मास के स्वामी भगवान विष्णु माने जाते हैं और उनका एक नाम पुरुषोत्तम है, इसलिए इस महीने को भी पुरुषोत्तम मास के रूप में जाना जाता है।
मलमास क्यों कहते हैं: मान्यता है कि अतिरिक्त होने के कारण यह मलिन है, इसे मलिन माना जाने के कारण ही इस महीने का नाम मलमास पड़ गया। इस महीने में पवित्र कर्म वर्जित माने गए हैं, नामकरण, यज्ञोपवीत, शादी विवाह, गृह प्रवेश, बहुमूल्य वस्तुओं की खरीद इस माह में आमतौर पर नहीं की जाती।
| ये हैं 2023 के सावन में आठ सोमवार | |
| सोमवार का क्रम | तारीख |
| पहला सोमवार | 10 जुलाई |
| दूसरा सोमवार | 17 जुलाई |
| तीसरा सोमवार | 24 जुलाई |
| चौथा सोमवार | 31 जुलाई |
| पांचवा सोमवार | 7 अगस्त |
| छठा सोमवार | 14 अगस्त |
| सातवां सोमवार | 21 अगस्त |
| आठवां सोमवार | 28 अगस्त |