धर्म और अध्यात्म

Holashtak 2026 Kab Hai: 23, 24 या 25 फरवरी से हो रहे हैं शुरू? जानें फाल्गुन अष्टमी की सही तारीख

Holashtak 2026 Kab Hai: पंचांग के अनुसार होलाष्टक फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से आरंभ होते हैं, जो साल 2026 में 24 फरवरी से प्रभावी माने जा रहे हैं।यह अवधि होलिका दहन तक चलेगी और इन आठ दिनों में मांगलिक कार्यों पर विराम रखा जाता है।
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Feb 17, 2026
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Holashtak 2026 Date|फोटो सोर्स- Freepik

Holashtak 2026 Kab Se Kab Tak Hai: होली से पहले आने वाले आठ दिन होलाष्टक के नाम से जाने जाते हैं, जिनका सनातन धर्म में विशेष महत्व है।साल 2026 में पंचांग के अनुसार फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से होलाष्टक की शुरुआत 24 फरवरी से मानी जा रही है।यह अवधि होलिका दहन यानी फाल्गुन पूर्णिमा तक चलती है और इस दौरान मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं।मान्यता है कि इन दिनों में नकारात्मक ऊर्जा प्रबल रहती है, इसलिए नई शुरुआत टाल दी जाती है।होलाष्टक का संबंध भक्त प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप की कथा से भी जुड़ा है, जो अटूट भक्ति और आस्था का संदेश देती है।

Holashtak 2026 Start Date: होलाष्टक 2026 कब से हो रहे हैं आरंभ?

वैदिक पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 24 फरवरी सुबह 7 बजकर 1 मिनट से होगी और यह तिथि 25 फरवरी शाम 4 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। चूंकि होलाष्टक का आरंभ अष्टमी तिथि से माना जाता है, इसलिए इस वर्ष होलाष्टक 24 फरवरी 2026 से शुरू होंगे।

क्या है होलाष्टक?

होलाष्टक का धार्मिक महत्व अत्यंत गहरा है। पौराणिक कथा के अनुसार राक्षसराज हिरण्यकश्यप स्वयं को भगवान मानता था और अपने पुत्र प्रह्लाद की भगवान विष्णु में अटूट भक्ति से क्रोधित रहता था। उसने प्रह्लाद को आठ दिनों तक अनेक कष्ट दिए। यही आठ दिन होलाष्टक के रूप में माने जाते हैं।मान्यता है कि इन दिनों में वातावरण में उग्र और अस्थिर ऊर्जा रहती है, इसलिए शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। यह समय आत्मचिंतन, साधना और संयम का माना गया है।

होलाष्टक में क्या नहीं करें?

शास्त्रों के अनुसार होलाष्टक के दौरान 16 संस्कार जैसे नामकरण, जनेऊ, विवाह, गृह प्रवेश आदि शुभ कार्य नहीं करने चाहिए। इन दिनों में हवन, यज्ञ या किसी नए कार्य की शुरुआत भी वर्जित मानी गई है।यह भी परंपरा है कि जिन कन्याओं का हाल ही में विवाह हुआ हो, वे इस अवधि में अपने मायके में रहें। साथ ही, किसी अनजान व्यक्ति से खाने-पीने की वस्तु लेने से भी बचना चाहिए। मान्यता है कि इस समय नकारात्मक प्रभाव अधिक सक्रिय रहते हैं।

होलाष्टक में क्या करें?

नियमित पूजा-पाठ और मंत्र जाप करें।
भगवान विष्णु या अपने इष्ट देव का ध्यान करें।
जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान दें।
घर में शांति और सकारात्मक वातावरण बनाए रखें।
श्रद्धा और नियमपूर्वक होलिका दहन की तैयारी करें।

Holashtak 2026 End Date: होलिका दहन 2026 शुभ मुहूर्त

वर्ष 2026 में होलिका दहन 3 मार्च को किया जाएगा। शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 22 मिनट से रात 8 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। यह समय बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है और श्रद्धापूर्वक पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

Updated on:
17 Feb 2026 11:28 am
Published on:
17 Feb 2026 10:12 am