
महाकाल ज्योतिर्लिंगः महाशिवरात्रि के दूसरे दिन राजाधिराज भगवान महाकाल को सवा क्विंटल फूलों का पुष्प मुकुट पहनाया गया। सेहरा मुकुट पुजारी पुरोहितों ने तैयार किया है। सुबह होते होते तड़के 4 बजे बाबा को पुष्प मुकुट पहनाकर उन्हें दूल्हे के स्वरूप में सजाकर तैयार किया गया। 11 बजे तक सेहरा श्रृंगार के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए था। इसके बाद वर्ष में एक बार दोपहर में होने वाली भस्म आरती 12:00 बजे के बाद कराई गई। इस दौरान भगवान के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी।
सोमनाथ ज्योतिर्लिंगः गुजरात के सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए भी महाशिवरात्रि के दूसरे दिन भक्तों की कतार लगी रही। महाशिवरात्रि को लेकर व्यापक प्रबंध किए गए थे। भोर से ही भक्त सोमनाथ का दर्शन करने के लिए पहुंचने लगे थे। सोमनाथ के लाइव दर्शन भी कर सकते हैं। इसके लिए देखें यह लिंकः
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इस तरह लोगों ने रविवार को काशी विश्वनाथ, भीमा शंकर, त्र्यंबकेश्वर आदि के दरबार में जाकर हाजिरी लगाई। इसके अलावा स्थानीय शिवालयों में भी जाकर पूजा अर्चना की। लोगों ने इस दिन भी तमाम धार्मिक अनुष्ठान किए। ऐसे लोग जिन्हें महाशिवरात्रि व्रत का पारण करना है, वे भी शिवालय पहुंचे। भगवान के जयकारे लगाए और गलतियों की माफी मांगी। मन्नत पूरी करने का आग्रह किया। वहीं कोयंबटूर में ईशा फाउंडेशन की ओर से आयोजित ईशा महाशिवरात्रि के कार्यक्रम रविवार तक चले।
Mahashivratri 2023 Paran: महा शिवरात्रि 2023 की शुरुआत 18 फरवरी को रात 8.02 बजे से हो रही है और यह तिथि 19 फरवरी शाम 4.18 बजे संपन्न हो रही है। इस दिन महाशिवरात्रि की पूजा 19 फरवरी 12.09 एएम से 12.59 एएम के बीच निशिताकाल में बेहद शुभ है। मान्यता है कि इसी वक्त भगवान भोलेनाथ, शिवलिंग के रूप में अवतरित हुए थे। वहीं इस व्रत के पारण का समय 19 फरवरी 6.50 एएम से 3.26 पीएम तक हो सकती है।
व्रत के पारण में क्या करेंः पुरोहितों के अनुसार महाशिवरात्रि व्रत का पारण सात्विक भोजन से करना चाहिए। इसके लिए सबसे पहले भगवान की पूजा करें। यथा सामर्थ्य दान करें। इसके बाद पूजा में चढ़ाए फलों से पारण करें। लहसुन प्याज से बने तामसिक भोजन से दूर ही रहें। पारण के लिए भोजन शुद्ध घी से ही बनाएं। मूली, बैगन, तले भोजन का पारण में प्रयोग न करें।