धर्म और अध्यात्म

Saturday Worship Of Hanuman Ji: शनिवार को करें ये सरल हनुमान साधना, शनि दोष से मिलेगी मुक्ति और मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

Saturday Worship Of Hanuman Ji: शनिवार को संकटमोचन हनुमान की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है, जो शनि, राहु और केतु के दुष्प्रभाव को शांत कर सकती है। सच्ची भक्ति से भय, रोग और शनि दोष दूर होकर जीवन में बल, बुद्धि और आत्मविश्वास बढ़ता है।
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Feb 13, 2026
Shani Sade Sati Remedy, Chant Hanuman Ji Mantra,
Ways to get the blessings of Bajrangbali|फोटो सोर्स- Freepik

Saturday Worship Of Hanuman Ji: शनिवार का दिन भगवान हनुमान और शनि देव दोनों की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक बजरंगबली की पूजा करने से शनि दोष का प्रभाव कम होता है और जीवन के संकट धीरे-धीरे दूर होने लगते हैं। खासकर जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैया चल रही हो, उनके लिए शनिवार की हनुमान साधना बेहद लाभकारी मानी जाती है।यदि आप जीवन में आ रही बाधाओं, आर्थिक तंगी या मानसिक तनाव से परेशान हैं, तो शनिवार को सरल मंत्र, हनुमान चालीसा पाठ और दीपदान जैसे उपाय अपनाकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद पा सकते हैं। माना जाता है कि सच्चे मन से की गई भक्ति से बजरंगबली अपने भक्तों की हर पीड़ा हर लेते हैं।

शनि दोष से मुक्ति का पौराणिक कारण

कथा के अनुसार जब रावण ने शनिदेव सहित कई ग्रहों को बंदी बना लिया था, तब हनुमान जी ने उन्हें मुक्त कराया। आभारी होकर शनिदेव ने वचन दिया कि जो भी व्यक्ति हनुमान जी की भक्ति करेगा, उसे वे कष्ट नहीं देंगे। तभी से शनिवार को हनुमान पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।

पूजा की तैयारी कैसे करें?

शनिवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। यदि संभव हो तो लाल रंग के कपड़े पहनें, क्योंकि यह रंग हनुमान जी को प्रिय है। पूजा स्थान की साफ-सफाई कर लें और एक चौकी पर हनुमान जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। हाथ में जल लेकर पूजा का संकल्प लें। शुक्रवार और शनिवार को ब्रह्मचर्य का पालन करना भी शुभ माना गया है।

आवश्यक पूजा सामग्री और विधि

हनुमान जी की पूजा सूर्योदय के बाद या फिर सूर्यास्त के समय की जा सकती है। इन दोनों समयों में वातावरण शांत रहता है और मन भी एकाग्र होता है।पूजा प्रारंभ करते समय “ॐ श्री हनुमते नमः” मंत्र का जाप करें। हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें। इसके बाद लाल फूल, गुड़, चना और नारियल का भोग लगाएं। लाल लंगोट अर्पित करना भी शुभ माना जाता है।फिर “ॐ हं हनुमते नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें। इसके पश्चात हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और सुंदरकांड का पाठ करें। अंत में श्रद्धापूर्वक आरती कर पूजा पूर्ण करें।

हनुमान जी के प्रभावशाली मंत्र

यश-कीर्ति के लिए:
“ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय विश्वरूपाय अमितविक्रमाय…”

धन प्राप्ति के लिए:
“ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय भक्तजनमनः कल्पनाकल्पद्रुमायं…”

शत्रु नाश के लिए:
“ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय रामसेवकाय…”

नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति हेतु:
“ॐ हं हनुमत्ये नमो नमः… जय जय हनुमत्ये नमो नमः…”

Updated on:
13 Feb 2026 04:55 pm
Published on:
13 Feb 2026 04:54 pm