धर्म

Lalita panchami : सोना दिला सकता है यह दिन, मां ललिता के आशीर्वाद से मिल सकती है संपत्ति

Lalita panchami : त्रिपुर सुंदरी व षोडशी भी कहलाती हैं माता, पंचमी के दिन ललिता सहस्त्रनाम स्तोत्र पाठ का महत्व
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Oct 14, 2026
maa lalita
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Lalita panchami : शारदीय नवरात्रि में दुर्गा देवी के 9 रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के 5वें दिन मां स्कंदमाता की पूजन का विधान है। आश्विन शुक्‍ल की पंचमी तिथि को ललिता पंचमी पर्व भी मनाया जाता है। यह मां ललिता को समर्पित है जोकि दस महाविद्याओं में से एक हैं। ललिता देवी को 'महात्रिपुर सुंदरी' भी जाता है। वे माता पार्वती की ही स्वरूप हैं। ललिता पंचमी पर व्रत रखा जाता है जोकि 'उपांग ललिता व्रत' के नाम से भी जाना जाता है। सभी भौतिक सुखों, धन संपत्ति व यश प्राप्त करने के लिए यह व्रत बहुत फलदायी माना जाता है। माता ललिता की पूजा से स्वर्ण लाभ होता है।

धर्माचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि ललिता पंचमी पर पूर्ण भक्तिभाव से मां ललिता की पूजा करने से सुख, संपत्ति व संतान का लाभ होता है। इस दिन ललिता सहस्त्रनाम का पाठ अवश्य करना चाहिए। ललिता देवी इससे प्रसन्न होती हैं और उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है।

दक्षिणमार्गी शाक्तों में मां ललिता को 'चण्डी' कहा गया है। इनकी पूजा पद्धति भी उन्हीं के समान है। कालिका पुराण के अनुसार देवी ललिता का स्वरूप रक्ताभ व स्वर्णिम है। ध्यान रूप में वे बहुत उज्ज्वल व कांतिवान नजर आती हैं। देवी ललिता रक्तिम कमल पर विराजित रहती हैं।

त्रिपुर सुंदरी व षोडशी भी कहलाती हैं माता

देवी त्रिपुर सुंदरी 10 महाविद्याओं में से एक हैं। इनके तीन अलग अलग स्वरूप हैं। 8 वर्ष की बालिका के रूप में वे माता त्रिपुर सुंदरी, 16 वर्षीय अवस्था में षोडशी और युवा स्वरूप में मां ललिता त्रिपुर सुंदरी के नाम से प्रसिद्ध हैं। 16 कलाओं से युक्त होने से मां त्रिपुर सुंदरी को षोडशी कहा गया है। एक पौराणिक मान्यता के अनुसार माता ललिता का आविर्भाव, कामदेव के शरीर की राख से उत्पन्न हुए राक्षस 'भांडा' के नाश के लिए हुआ था।

स्वर्ण आभू​षण का लाभ देती हैं देवी

ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार ललिता पंचमी पर व्रत रखकर मां ललिता की पूजा-उपासना का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन मां को लाल रंग के पुष्प, लाल वस्त्र आदि भेंट कर ललितासहस्रनाम का पाठ किया जाता है। इससे जीवन की आर्थिक समस्याएं खत्म होती हैं और धन प्राप्ति का मार्ग सुगम होता है। खास तौर पर सोने के आभूषण प्राप्त होते हैं।

Updated on:
14 Oct 2026 04:04 pm
Published on:
14 Oct 2026 04:03 pm