शनि कुंभ राशि में 29 अप्रैल 2022 से लेकर 29 मार्च 2025 तक रहेंगे। जानिए इस अवधि में किन राशि वालों पर रहेगी शनि साढ़े साती (Shani Sade Sati) तो किन पर शनि ढैय्या (Shani Dhaiya)।
Saturn Planet: ज्योतिष अनुसार शनि ग्रह का विशेष महत्व माना जाता है। अगर कुंडली में ये ग्रह मजबूत स्थिति में विराजमान है तो व्यक्ति को ये दौलत-शोहरत दिलाता है। तरक्की के रास्ते खोलता है। वहीं अगर इस ग्रह की स्थिति कमजोर है तो कई परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है। इस ग्रह को एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करने में करीब ढाई साल का समय लग जाता है। वर्तमान में शनि मकर राशि में स्थित हैं। 29 अप्रैल से ये कुंभ राशि में गोचर करने लगेंगे। जानिए ढाई साल तक शनि किन राशि वालों को करेंगे परेशान।
शनि का राशि परिवर्तन: शनि कुंभ राशि में 29 अप्रैल 2022 से लेकर 29 मार्च 2025 तक रहेंगे। बीच में कुछ समय के लिए मकर राशि में फिर से गोचर करने लगेंगे। शनि का मकर राशि में दोबारा से गोचर शनि के वक्री होने के कारण होगा। शनि 5 जून 2022 को वक्री होंगे और अपनी वक्री चाल चलते हुए 12 जुलाई से मकर राशि में आ जायेंगे और 17 जनवरी 2023 तक इस राशि में विराजमान रहेंगे। इसके बाद मार्गी होकर कुंभ राशि में अपनी चाल
शुरू करेंगे।
इन 5 राशियों पर रहेगी शनि की नजर: शनि के कुंभ राशि में प्रवेश करते ही धनु राशि वालों को शनि साढ़े साती से मुक्ति मिल जाएगी। वहीं मिथुन और तुला वालों को शनि ढैय्या से छुटकारा मिलेगा। जबकि कर्क और वृश्चिक वाले शनि ढैय्या की चपेट में आ जायेंगे और मीन राशि वाले शनि साढ़े साती की चपेट में आयेंगे। वहीं मकर और कुंभ वालों पर भी शनि साढ़े साती का साया रहेगा। कुल मिलाकर जिन 5 राशियों पर ढाई साल तक शनि की नजर बनी रहेगी वो राशियां हैं- कर्क, वृश्चिक, मकर, कुंभ और मीन।
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शनि के प्रकोप से बचने के उपाय:
-शनि देव की सच्चे मन से अराधना करें।
-शनि मंत्रों का शनिवार के दिन जाप करें।
-शनि चालीसा का पाठ करें।
-शनिवार के दिन जरूरतमंदों को दान करें।
-भगवान शिव और हनुमान जी की अराधना करें।
-शनिवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें।
-शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
-पीपल के पेड़ की पूजा करें।
-घर में शमी का पौधा लगाकर उसकी पूजा करे।